संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। पहले दिन विभिन्न ब्लॉकों से आए लगभग 100 शिक्षकों को गणित एवं भाषा शिक्षण की प्रिंट समृद्ध सामग्री तथा मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए डायट प्राचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि “एफएलएन प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों की सीखने-समझने की प्रक्रिया को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवीनतम शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना है। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे भी सहज वातावरण में बेहतर ढंग से सीख पाएंगे।”
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने और आवश्यक कौशल विकसित करने के प्रति जागरूक करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कक्षा 5 तक मातृभाषा या स्थानीय भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाए जाने पर बल दिया गया है। इसी क्रम में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी विशेष चर्चा की गई।
प्रथम दिवस के भाषा सत्र में प्रशिक्षकों ने लोकगीतों को पाठ्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया। तीज के अवसर पर शिक्षकों ने सोहर, कजरी और फगुआ जैसे पारंपरिक लोकगीत भी प्रस्तुत किए।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन धीरेन्द्र पांडे, आलोक सिंह, संदीप दुबे, अनीता जय सिंह और राजेश पांडे द्वारा दो समूहों में किया गया।
इस अवसर पर पूजा, अनामिका, मनभावती, महिमा, वंदना सिंह, तारा देवी, अंशुमान सलभ, जिलाजीत चौहान, गिरिजेश कुमार, मानसिंह, अनीश सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
अपनों के दर्द में साथ खड़ा हुआ भारतीय गोरखा समाज, डमर बहादुर गुरुंग के नेतृत्व…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी की मासिक बैठक शनिवार को बसियवां स्थित समाजवादी…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विशेष बैक परीक्षा 14 सितंबर से…
तेज बहाव में महिला को मौत के मुंह से खींच लाए कक्षा 10 के छात्र,…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल की ग्राम पंचायत बरियारपुर के बेलहिया टोले में बरसात का…
ब्रिक्स सम्मेलन 2026: मोदी-शी-पुतिन एक मंच पर, महंगे तेल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर…