विजयपुर फार्म हाउस की दुर्दशा से किसान परेशान, बीज वितरण में घोटाले का आरोप

ग्रामीणों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग

डाॅ.सतीश पाण्डेय व नीरज की रिपोर्ट

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड सदर अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयपुर स्थित उद्यान विभाग की सैकड़ों एकड़ भूमि एक समय था कि जिले के उन्नत किसानो के लिए वरदान माना जाता था। यहां आलू, मूली, चना, मटर, भिंडी सहित अनेक मौसमी फसलें तैयार कर किसानों को फार्म के माध्यम से बीज वितरण कराया जाता था। लेकिन विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी के चलते अब यह फार्म उपेक्षा का शिकार हो गया है। सरकार की मंशा है कि बदलते मौसम और जलवायु प्रभाव को देखते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसी उद्देश्य से विजयपुर फार्म हाउस में लाखों रुपए की लागत से स्ट्रक्चर पॉलीहाउस,नर्सरी हाउस का निर्माण कराया गया ताकि किसान आसानी से पौधा तैयार कर सकें। लेकिन आज यह स्ट्रक्चर पानी भराव और देख-रेख के अभाव में खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है।

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प्राप्त समाचार के अनुसार किसानों को अमरूद, नींबू, केला, पपीता, टमाटर व फूलों की खेती सहित विविध फसलों के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके लिए विभाग द्वारा गोभी, बंदगोभी, पपीता, आंवला, शिमला मिर्च, लौकी, कद्दू, नींबू आदि के बीज निःशुल्क दिए जाते हैं।लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग और कंपनियों की मिलीभगत से यहां भी बड़े पैमाने पर घोटाले किए जाते हैं। बीज वितरण के लिए पांच से छः कंपनियों को अधिकृत किया जाता है, परंतु कमीशन के चक्कर में कंपनी वाले पुराने बीजों की री-पैकिंग कर उन पर ताजे पैकिंग का लेबल लगाकर किसानों में वितरण कर देते हैं। ऐसे बीजों से न तो फसल सही तरह उगती है और न ही किसान को अपेक्षित लाभ मिलता है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे बीजों से फसल चौपट हो जाती है और लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। शिकायत करने पर अधिकारी टाल-मटोल कर देते हैं, और कोई ठोस कदम नहीं उठाते। विजयपुर और आस- पास के किसानों में राजेश, उपेंद्र, कमला देवी, कुसमावती, वेदना, शोभा, सोनू, चंदन, मनोज, कन्हैया, अलगू आदि ने आरोप लगाया कि विभागीय मिली-भगत से वर्षों से इस तरह के खेल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि विजयपुर फार्म हाउस और विभागीय गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जहां एक ओर सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बागवानी और उद्यानिकी की ओर किसानों को प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विभागीय लापरवाही और घोटाले सरकार की योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कब और कैसी कार्रवाई करता है।
इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी संजय कुमार रस्तोगी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

rkpnews@desk

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