ढेरही टोल प्लाजा पर बवाल, भगदड़ में किसान की मौत; आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र स्थित ढेरही टोल प्लाजा पर बुधवार को किसानों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। टोल वसूली, भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और अधूरे सड़क निर्माण समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बनने की सूचना है। हादसे में एक किसान की कार की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मृत्युंजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के रूप में बताई जा रही है।
घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। किसानों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बल प्रयोग के बाद स्थिति बिगड़ी और लोग इधर-उधर भागने लगे। वहीं, घटना के पूरे क्रम और पुलिस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
आत्मदाह की कोशिश से बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अजीत सिंह ‘डोभी’ द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की भी जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद धरना स्थल पर तनाव और बढ़ गया।
टोल वसूली और मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी
किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन कई मामलों में मुआवजा और ब्याज अब तक लंबित है। प्रदर्शनकारियों ने अधूरे सड़क निर्माण के बावजूद टोल वसूली पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में टोल वसूली पर रोक, लंबित मुआवजे का ब्याज सहित भुगतान और अधूरे सड़क निर्माण को पूरा कराना शामिल है।
प्रदर्शन से पहले प्रशासन और किसानों के बीच बैठक भी हुई थी। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर धरना स्थगित कराने का प्रयास किया, लेकिन किसान मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे।
पहले से तैनात था भारी पुलिस बल
किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने ढेरही टोल प्लाजा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। दानगंज, चोलापुर और धरसौना क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कुछ लोगों को रोकने और हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। किसानों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जांच और विस्तृत बयान महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल मृत्युंजय सिंह की मौत से प्रदर्शन स्थल पर तनाव का माहौल है। किसान संगठनों की मांगों, हादसे के कारणों और पुलिस कार्रवाई को लेकर आगे प्रशासन की ओर से क्या जानकारी सामने आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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