Wednesday, February 18, 2026
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किसान दिवस: सहफसली खेती और डिजिटल कृषि योजनाओं पर प्रशासन का फोकस

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम ने कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और आधुनिक खेती तकनीकों के प्रसार को नई दिशा दी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में फरवरी माह का किसान दिवस सम्पन्न हुआ, जिसमें किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कृषि से जुड़े नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कृषि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रणाली और विभागीय समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

बैठक की शुरुआत पिछली किसान दिवस बैठक में प्राप्त छह शिकायतों की समीक्षा से हुई। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सभी मामलों का विभागीय स्तर पर निस्तारण कर दिया गया है।n जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान की समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यक्रम में सहफसली खेतीn को विशेष प्राथमिकता दी गई। कृषि विभाग ने गन्ने के साथ उर्द और मूंग की सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क बीज वितरण योजना की जानकारी दी। विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है और पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम बीज दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जिले के लगभग 1485 किसान अभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सहफसली खेती से एक ही खेत में एक से अधिक फसल लेकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है, साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बेहतर होती है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसी भी किसान को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। प्रशासन गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और लाभ वितरण की प्रक्रिया सरल हो सके।

बैठक में छुट्टा पशुओं और वन्य जीवों से फसल को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अधिनियम के तहत किसान विकास खंड स्तर पर आवेदन कर सकते हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को योजनाओं की बेहतर जानकारी देने के लिए प्रत्येक किसान दिवस पर कम से कम दो विभागों द्वारा 8 से 10 स्लाइड की पीपीटी प्रस्तुति अनिवार्य की गई है। इसमें कृषि कैलेंडर, मौसम आधारित खेती और अनुदान योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

उर्वरक वितरण में पीओएस मशीन पर अंगूठा न लगने और एसएमएस न मिलने की समस्या पर जिलाधिकारी ने तकनीकी रूप से प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग को मोबाइल नंबर संशोधन कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

बरवा क्रय केंद्र पर धान खरीद बंद होने की शिकायत पर प्रशासन ने विशेष राहत देते हुए 50 कुंतल धान खरीद की अनुमति प्रदान की। जायद मक्का बीज सरकारी बीज भंडारों पर अनुदान के साथ उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।

पराली प्रबंधन को लेकर ग्राम स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार करने और ग्राम प्रधान, लेखपाल तथा सचिव की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। आगजनी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।

रामकोला बी चीनी मिल से गन्ना पर्ची वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जिला गन्ना अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गन्ना मिलों की समीक्षा बैठक अगले किसान दिवस के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। नलकूप विभाग की कार्यशाला स्थापित करने हेतु शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने तथा नगरपालिका क्षेत्र में बोरिंग सुविधा के लिए नियमों का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसान दिवस केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के अवसरों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सहफसली खेती, डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री और पारदर्शी सूचना प्रणाली जैसी पहलें कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाकर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि का आधार बनेंगी।

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