महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां तहसील क्षेत्र के दुर्गापुर में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की आड़ में संचालित फर्जी आधार कार्ड बनाने के संगठित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। ताबड़तोड़ छापेमारी में दो युवकों को हिरासत में लेकर भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आधार से जुड़े दस्तावेज और संदिग्ध रसीदें बरामद की गईं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने किसी अधिकृत ऑपरेटर की आईडी हैक कर अवैध तरीके से आधार कार्ड तैयार करने का तंत्र खड़ा किया था। मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव के नेतृत्व में टीम ने दुर्गापुर स्थित केंद्र पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को मौके से पकड़ा।
छापेमारी के दौरान लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, आधार पंजीकरण से संबंधित रसीदें, कई संदिग्ध दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। बरामद सामग्री को तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। विशेषज्ञ डाटा खंगाल रहे हैं, ताकि अब तक बने फर्जी आधार कार्डों की संख्या और लाभार्थियों की पहचान हो सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक खाते खुलवाने, सिम कार्ड जारी कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य वित्तीय लेनदेन में किया जा सकता है। आशंका है कि गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। इस एंगल से भी जांच जारी है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित साइबर अपराध नेटवर्क सक्रिय तो नहीं।
नौतनवां क्षेत्र में हुए इस खुलासे से प्रशासनिक हलकों में खलबली है। हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से गहन पूछताछ जारी है और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
फिलहाल, इस भंडाफोड़ ने सीएससी केंद्रों की निगरानी और साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
