उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा) शिव आराधना के पवित्र मास सावन के तीसरे सोमवार को नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा।श्रद्धालुओं के दर्शन, पूजन,और जलभिषेक को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त रहे।
नगर के दुखहरण नाथ शिव मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है।यहां मांगी गई भक्तों की मुरादें भोलेनाथ पूरी करते हैं।प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों की भीड़ जुटती है।सावन और महाशिवरात्रि पर यहां मेला भी लगता है मंदिर की विशेषता यह है कि यहां सोमवार व श्रावण मास के साथ साथ शिवरात्रि पर भारी संख्या में श्रद्धालु़ जुटते हैं।विशेष पर्व पर यहां धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।मंदिर के बगल में पोखरा है पोखरे के आसपास बैठकर लोग भजन भी करते हैं।ऐसी मान्यता है कि मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने व दर्शन से सारे पाप कट जाते हैं और लोगों की मनोकामना पूरी होती है।सावन मास के आज तीसरे सोमवार को मंदिर में सुबह से तांता लगा रहा दूर दराज से आए भक्तगण लाइन लगाकर पूजन अर्चन की।इस मौके पर मंदिर परिसर में पूजा सामग्री की दुकानें सजी रहीं मेले में बच्चों के आनंद के लिए झूला व तरह तरह के खिलौने तथा मनोरंजन के सामान से सजी दुकानें देखने को मिली।इसी तरह धुसवा मार्ग स्थित सहियापुर मे बौराहे बाबा के स्थान पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा,लोग सुबह से पूजन अर्चन कर जलाभिषेक किया। प्रशासन द्वारा पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार के मौके पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए मेले में पुरूष बल के साथ साथ दर्जनों महिला आरक्षी तैनात रहीं।थानाध्यक्ष गैंड़ास बुजुर्ग गौरव सिंह तोमर भ्रमण कर जायजा लेते दिखे।
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