गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत प्राकृत भाषा विभाग द्वारा आयोजित वैल्यू ऐडेड कोर्स का समापन शुक्रवार को हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. रहस बिहारी द्विवेदी ने नीतिग्रन्थों की सम्प्रति उपादेयता विषय पर अत्यन्त गम्भीर बाते कही। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा को आचरण परख बताते हुए कहा कि जिस मनुष्य में नैतिक मूल्यों का आधान नहीं है। वह मनुष्य नही कहा जा सकता।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. छाया रानी ने सांख्यदर्शन के आधार पर नीतितत्वों की व्याख्या की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अरविन्द तिवारी ने सांख्यदर्शन में प्रतिपादित दुख विघात को प्रतिपादित किया। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय, प्रतिवेदन डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, संचालन डॉ. सूर्यकान्त त्रिपाठी तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. देवेन्द्र पाल ने किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टण्डन के संरक्षकत्त्व में इस कार्यक्रम में एक सप्ताह तक देश के प्रतिष्ठित विद्वानों ने व्याख्यान दिया।इस अवसर पर छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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