बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में पर्पल डे के अवसर पर मिर्गी (Epilepsy) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सर्व सेवा संस्थान, नवरतनपुर, नवानगर द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मिर्गी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा लोगों को इसके प्रति सही और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के सभागार में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर संस्थान की प्राचार्या ममता प्रजापति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मिर्गी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मरीज को अचानक दौरे पड़ते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में बेहोशी, शरीर का अकड़ जाना, झटके आना तथा कुछ समय के लिए चेतना का लोप हो जाना शामिल है।प्राचार्या ने यह भी बताया कि समय रहते मिर्गी की पहचान और नियमित चिकित्सा से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस बीमारी से जुड़े अंधविश्वासों से दूर रहें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है, बशर्ते उसे सही उपचार और सहयोग मिले।
कार्यक्रम में जय राम प्रजापति ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में मिर्गी को लेकर कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं, जिन्हें दूर करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और सभी को इसके प्रति संवेदनशील बनना चाहिए।इस दौरान विद्यार्थियों को मिर्गी के दौरे के समय दी जाने वाली प्राथमिक सहायता (First Aid) के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। उन्हें बताया गया कि दौरे के समय मरीज को सुरक्षित स्थान पर लिटाना, उसके सिर को सहारा देना और भीड़ से दूर रखना जरूरी होता है, जबकि मुंह में कोई वस्तु डालने जैसी गलतियों से बचना चाहिए।कार्यक्रम में अनुष्का, सरिता, प्रिंस, रिमांशु सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सभी ने मिर्गी के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का निर्णय
