छावनी बोर्डों को स्मार्ट, हरित और टिकाऊ शहर बनाने पर जोर — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देशभर की छावनियों को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह संस्थाओं में बदलने की दिशा में तेज़ी से काम करना होगा, ताकि इन्हें स्मार्ट, हरित और टिकाऊ शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जा सके। वे गुरुवार को रक्षा संपदा महानिदेशालय (DGDE) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘मंथन 2025’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

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रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा (IDES) के अधिकारियों से छावनी बोर्डों के आधुनिकीकरण और नागरिक कल्याण के लिए समर्पित होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईडीईएस न केवल 18 लाख एकड़ से अधिक रक्षा भूमि का प्रबंधन कर रही है बल्कि देशभर की 61 छावनियों में रहने वाले नागरिकों की सुविधाओं और कल्याण का भी दायित्व निभा रही है।

राजनाथ सिंह ने छावनी क्षेत्रों को आधुनिक शहरों की तर्ज़ पर विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा,

“डिजिटल सेवाओं को बढ़ाना होगा ताकि लोग घर बैठे पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सेवाएं प्राप्त कर सकें। हमें नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी ताकि छावनी के भविष्य की योजनाओं में उनकी सक्रिय भूमिका हो।”

उन्होंने यह भी कहा कि छावनी बोर्डों को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह संस्थाओं में बदलना समय की मांग है। इसके लिए प्रणालियों और प्रक्रियाओं का लगातार उन्नयन आवश्यक है।

रक्षा मंत्री ने आईडीईएस अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक अपनी दोहरी जिम्मेदारी— रक्षा भूमि के कुशल प्रबंधन और नागरिक कल्याण—को सफलतापूर्वक निभाया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार का पूरा प्रयास है कि छावनियों में रहने वाले लोगों को सर्वोत्तम नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनकी शिकायतों का त्वरित निवारण हो।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने ‘स्मार्ट कैंटोनमेंट’ की परिकल्पना पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह केवल भौतिक संरचनाओं का उन्नयन नहीं है, बल्कि एक ऐसे टिकाऊ और हरित शहरी तंत्र की स्थापना है जिसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

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