बांग्लादेश में चुनावी हिंसा तेज, उम्मीदवार पर गोलीबारी के बाद चुनाव आयोग ने शीर्ष अधिकारियों के लिए मांगी अतिरिक्त सुरक्षा

ढाका (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती नजर आ रही है। हालिया हिंसक घटनाओं के बीच बांग्लादेश चुनाव आयोग ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त, अन्य चुनाव आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अतिरिक्त और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

चुनाव आयोग ने 24 घंटे सशस्त्र पुलिस सुरक्षा, अतिरिक्त एस्कॉर्ट वाहन और सुरक्षा घेरा बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

ढाका में चुनावी उम्मीदवार पर जानलेवा हमला

यह मांग उस समय सामने आई है, जब ढाका में संसदीय चुनाव के उम्मीदवार और पिछले वर्ष के ‘जुलाई आंदोलन’ के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की। वह अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहे थे, तभी उन पर नजदीक से हमला किया गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज जारी है।

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चुनाव कार्यक्रम के बाद बढ़े हमले

चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद लक्ष्मीपुर और पिरोजपुर जिलों में आयोग के कार्यालयों पर भी हमले हुए हैं। इन घटनाओं को देखते हुए आयोग ने देशभर के क्षेत्रीय, जिला और उप-जिला कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की है, क्योंकि यहां चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री रखी जानी है।

अंतरिम सरकार ने शुरू किया ‘ऑपरेशन डेविल हंट-2’

बढ़ती हिंसा के बीच अंतरिम सरकार ने पूरे देश में ‘ऑपरेशन डेविल हंट-2’ शुरू कर दिया है। इसके तहत सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस जारी करने का भी आश्वासन दिया गया है।

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वहीं, विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सभी उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमलों में शामिल दोषियों पर त्वरित व कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Karan Pandey

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