यमन की जंग का दोहरा असर: एक लाख से ज्यादा विस्थापित, वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दबाव

यमन में फिर भड़की जंग, एक लाख से अधिक लोग विस्थापित; जान बचाने के लिए समुद्र पार कर रहे परिवार
लाल सागर और बाब-अल-मंदब क्षेत्र में बढ़ा तनाव, हजारों लोगों ने जिबूती की ओर किया पलायन


सना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच तेज हुई लड़ाई ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, संघर्ष के नए दौर में एक लाख से अधिक लोग यमन के भीतर विस्थापित हो चुके हैं, जबकि हजारों लोगों ने समुद्र के रास्ते जिबूती का रुख किया है।
संघर्ष से प्रभावित परिवारों के लिए घर छोड़ना ही सुरक्षित रहने का एकमात्र विकल्प बनता जा रहा है। कई लोग अपने गांवों और कस्बों से निकलकर अस्थायी ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ परिवार जोखिम भरी समुद्री यात्रा कर बाब-अल-मंदब पार करके जिबूती पहुंच रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक महज 48 घंटे में 3,400 से अधिक लोग जिबूती पहुंचे।
गांवों में हमले, बंद हुईं दुकानें
विस्थापित लोगों के मुताबिक, कई इलाकों में लड़ाई और हवाई हमलों के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाजार और दुकानें बंद होने से भोजन और जरूरी सामान जुटाना मुश्किल हो गया। ऐसे हालात में परिवारों को बच्चों और बुजुर्गों के साथ सुरक्षित इलाकों की ओर निकलना पड़ा।
समुद्र के रास्ते पलायन करने वालों के सामने भी खतरे कम नहीं हैं। भीड़भरी नौकाओं में सीमित संसाधनों के साथ लंबी समुद्री यात्रा करनी पड़ रही है। UNHCR ने समुद्र पार कर जिबूती पहुंचने वाले लोगों की स्थिति को बेहद कठिन बताया है।
बाब-अल-मंदब पर बढ़ता सैन्य दबाव
यमन का पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब क्षेत्र इस संघर्ष का अहम रणनीतिक केंद्र बन गया है। हालिया सैन्य बढ़त के बाद हूती लड़ाकों का प्रभाव लाल सागर के महत्वपूर्ण तटीय इलाकों तक बढ़ा है। इससे समुद्री यातायात और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
बाब-अल-मंदब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहने पर जहाजरानी, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ सकती है। हालिया रिपोर्टों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच भी बढ़े हमले
हाल के दिनों में हूती लड़ाकों की ओर से सऊदी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों तथा जवाब में सऊदी हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। इससे यमन का संघर्ष एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव के केंद्र में आ गया है।
हूती संगठन को ईरान के साथ गठजोड़ रखने वाला समूह माना जाता है, जबकि यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। 2014 में हूतियों के सना पर कब्जे के बाद यमन में संघर्ष व्यापक हुआ था। 2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्धविराम से बड़े पैमाने की लड़ाई में कमी आई थी, लेकिन स्थायी राजनीतिक समाधान नहीं निकल सका।
मानवीय संकट के साथ व्यापार पर भी असर
यमन में बढ़ती लड़ाई का असर केवल स्थानीय आबादी तक सीमित नहीं है। लाल सागर और बाब-अल-मंदब जैसे समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। संघर्ष बढ़ने पर जहाजों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं, जिससे परिवहन लागत और सामान की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
ऊर्जा बाजार भी क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हालिया हमलों और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है। 15 सितंबर को ब्रेंट क्रूड 108.75 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।
यमन में जारी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया के कई महत्वपूर्ण समुद्री और ऊर्जा मार्ग पहले से ही तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में संघर्ष का विस्तार होने पर मानवीय सहायता, समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति—तीनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
सबसे गंभीर स्थिति उन परिवारों की है, जिन्हें युद्ध के बीच अपने घर, रोजगार और सुरक्षित जीवन को पीछे छोड़ना पड़ रहा है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ जोखिम भरी समुद्री यात्रा करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या बताती है कि यमन का संकट अब केवल सैन्य टकराव नहीं, बल्कि गहरे मानवीय विस्थापन में बदल चुका है।

Editor CP pandey

Recent Posts

1200 सेल कर्मियों से गुलजार था भवनाथपुर, अब तीन कर्मियों तक सिमटी विश्वकर्मा पूजा

भवनाथपुर की औद्योगिक पहचान पर विराम, विश्वकर्मा पूजा की रौनक भी हुई इतिहासकभी हजारों लोगों…

7 minutes ago

मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, शुभ रंग और अंक

मेष राशि: नौकरी और कारोबार में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन मेहनत और…

17 minutes ago

स्लो वॉक से शुगर कंट्रोल में मदद, लेकिन कड़वी लौकी बन सकती है मुसीबत

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा हेल्थ डेस्क)। बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और खानपान की गड़बड़ी के…

28 minutes ago

42 दिन, 15 कंटेस्टेंट और सत्ता का खेल… वीरेंद्र सहवाग के शो में क्या होगा खास?

https://twitter.com/PrimeVideoIN/status/2100461048151052746?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E210046104815105274 ‘राइज एंड फॉल 2’ में सत्ता का नया खेल, वीरेंद्र सहवाग संभालेंगे शो की…

39 minutes ago

बोरियों में कुत्ते लेकर नगरपालिका कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

नासिक में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हंगामा, नगरपालिका अधिकारी के कक्ष में छोड़ दिए…

47 minutes ago

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपों से जगमगाया पैडलेगंज फ्लाईओवर

सांसद रवि किशन ने किया दीप प्रज्वलन, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच उमड़ा उत्साह गोरखपुर…

10 hours ago