Categories: Newsbeat

अहंकार: व्यक्ति और समाज के पतन का कारण

मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर देता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इस सत्य के साक्षी हैं कि जब भी किसी व्यक्ति, समाज या सत्ता में अहंकार का प्रभाव बढ़ता है, उसी क्षण उसके पतन की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाती है। भारतीय चिंतन परंपरा में इसलिए बार-बार कहा गया है कि अहंकार अंततः मनुष्य को ही निगल जाता है। यह वह आग है जो पहले दूसरों को जलाने का भ्रम पैदा करती है, पर अंत में स्वयं को ही भस्म कर देती है।

अहंकार का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि यह व्यक्ति को वास्तविकता से दूर कर देता है। जब किसी को अपने पद, शक्ति, ज्ञान या संपत्ति पर अत्यधिक गर्व होने लगता है, तब वह दूसरों की भावनाओं और सलाहों को महत्व देना बंद कर देता है। धीरे-धीरे वह स्वयं को ही अंतिम सत्य मानने लगता है। यही वह अवस्था है जहाँ से निर्णयों में संतुलन समाप्त होने लगता है और व्यक्ति या संस्था गलत दिशा में बढ़ने लगती है। इतिहास के पन्नों में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं जहाँ बड़े-बड़े साम्राज्य और शक्तिशाली व्यक्तित्व केवल अपने अहंकार के कारण मिट्टी में मिल गए।

समकालीन सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी यह प्रवृत्ति स्पष्ट दिखाई देती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पद और अधिकार जनता की सेवा के लिए दिए जाते हैं, लेकिन कई बार सत्ता और शक्ति का अहंकार व्यक्ति को यह भूलने पर मजबूर कर देता है कि वह समाज का प्रतिनिधि है, स्वामी नहीं। जब नेतृत्व में संवाद और संवेदनशीलता की जगह अहंकार आ जाता है, तब जनता और प्रशासन के बीच दूरी बढ़ने लगती है। यह दूरी धीरे-धीरे असंतोष, अविश्वास और सामाजिक विघटन का कारण बनती है। इसलिए लोकतंत्र की सफलता के लिए विनम्रता और जवाबदेही उतनी ही आवश्यक है जितनी शक्ति और अधिकार।

अहंकार का प्रभाव केवल सत्ता या राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह व्यक्ति के निजी जीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है। परिवार, मित्रता और सामाजिक संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और संवाद पर आधारित होते हैं। जब किसी संबंध में अहंकार प्रवेश करता है, तो संवाद समाप्त होने लगता है और दूरी बढ़ने लगती है। यही कारण है कि कई बार छोटे-छोटे मतभेद भी बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं। यदि मनुष्य विनम्रता और सहिष्णुता को अपनाए, तो अधिकांश समस्याएँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं।

भारतीय संस्कृति और दर्शन ने सदैव विनम्रता को सर्वोच्च गुण माना है। संतों और महापुरुषों ने अपने जीवन और शिक्षाओं के माध्यम से यही संदेश दिया कि महानता का वास्तविक आधार नम्रता है। कहा भी गया है कि जिस वृक्ष पर फल अधिक होते हैं, वह उतना ही झुकता है। यह प्रतीक हमें सिखाता है कि जितनी अधिक उपलब्धि या ज्ञान प्राप्त हो, उतना ही अधिक विनम्र होना चाहिए। यही वह गुण है जो व्यक्ति को समाज में सम्मान और स्थायी प्रतिष्ठा दिलाता है।

आज के तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में यह और भी आवश्यक हो गया है कि व्यक्ति अपनी सफलता और शक्ति के साथ संयम और विनम्रता को भी अपनाए। आधुनिक जीवन की प्रतिस्पर्धा और उपलब्धियों की दौड़ कई बार मनुष्य को आत्मकेंद्रित बना देती है, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि कोई भी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम नहीं होती। उसमें समाज, परिवार और अनेक अदृश्य सहयोगों की भूमिका होती है। जब मनुष्य इस सत्य को समझ लेता है, तब अहंकार स्वतः समाप्त होने लगता है और उसके स्थान पर कृतज्ञता और सेवा की भावना जन्म लेती है।

अंततः यह सत्य अटल है कि अहंकार जितना बढ़ता है, पतन उतना ही निकट आ जाता है। इसलिए यदि व्यक्ति अपने जीवन, संबंधों और समाज को संतुलित और समरस बनाए रखना चाहता है, तो उसे अहंकार से दूरी बनाकर विनम्रता, संवाद और सेवा के मार्ग को अपनाना होगा। यही वह मार्ग है जो व्यक्ति को वास्तविक सम्मान दिलाता है और समाज को स्थिरता तथा सामंजस्य प्रदान करता है।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

कुत्ते के काटने पर एसडीएम ने डीएम से मांगी आठ दिन की छुट्टी, स्वीकृत

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में तैनात उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह द्वारा कुत्ते…

2 hours ago

नारी: सृजन, शक्ति और सभ्यता की आधारशिला

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष- नवनीत मिश्र नारी शक्ति है, सम्मान है।नारी गौरव है, अभिमान…

3 hours ago

अवैध शीशम की लकड़ी से लदा ट्रक पकड़ा, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में अवैध लकड़ी के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए…

3 hours ago

कलश यात्रा के साथ मधुमास महोत्सव व श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मधुमास के पावन अवसर पर क्षेत्र में भक्ति और आस्था का…

16 hours ago

होमगार्ड जीतराम के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह आयोजित

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। थाना गढ़िया रंगीन में होमगार्ड स्वयंसेवक जीत राम के सेवानिवृत्त होने…

16 hours ago

तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से सड़क पार कर रही महिला घायल

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कस्बा गढ़िया रंगीन में शनिवार दोपहर सड़क पार कर…

17 hours ago