होम्योपैथिक दृष्टिकोण से सर्दी-खांसी व शीतकालीन बीमारियों से बचाव के प्रभावी उपाय–डॉ. श्याम मोहन श्रीवास्तव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सर्दियों का मौसम जहां ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं इस दौरान सामान्य सर्दी- खांसी, जुकाम, फ्लू, बुखार और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बदलते तापमान और ठंडी हवाओं के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में धर्मपुर स्थित सुमित्रा होम्योपैथिक क्लिनिक के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. श्याम मोहन श्रीवास्तव होम्योपैथिक और सामान्य चिकित्सा के संयुक्त दृष्टिकोण से लोगों को जागरूक कर रहे हैं, और मौसमी बीमारियों से बचाव के सरल उपाय बता रहे हैं।
डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार सर्दियों में सबसे पहली आवश्यकता शरीर को पर्याप्त रूप से गर्म रखना है। हल्के से मध्यम परतों में ऊनी कपड़े पहनना चाहिए तथा सिर, गला और पैरों को विशेष रूप से ढककर रखना चाहिए। रात में कंबल या गर्म चादर का प्रयोग शरीर की ऊष्मा बनाए रखने में सहायक होता है, जिससे ठंड के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर नहीं पड़ती।
आहार और पेय पर विशेष ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। वे बताते हैं कि सूप, गर्म पानी,अदरक, तुलसी, दालचीनी या काली मिर्च से बनी हर्बल चाय शरीर का तापमान बनाए रखती है और सर्दी-खांसी के लक्षणों में राहत देती है। इसके साथ ही विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे आंवला, संतरा और नींबू इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। पारंपरिक गर्म और संतुलित भोजन शरीर को ठंडी हवाओं से लड़ने में सक्षम बनाता है।
स्वच्छता को लेकर डॉ. श्रीवास्तव विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं। सर्दी-खांसी और फ्लू के वायरस हाथों के माध्यम से तेजी से फैलते हैं, इसलिए साबुन से बार-बार हाथ धोना, भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आना जरूरी है। ये छोटे- छोटे उपाय बड़े संक्रमण से बचा सकते हैं।वे नियमित दिनचर्या अपनाने पर भी जोर देते हैं। ठंड के मौसम में हल्का व्यायाम, घर के अंदर योग या प्राणायाम और रोजाना 10 से 15 मिनट की धूप लेना शरीर की ऊर्जा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही पर्याप्त और समय पर नींद लेना बेहदआवश्यक है,क्योंकि नींद के दौरान शरीर स्वयं को ठीक करता है और संक्रमण से लड़ने की ताकत बढ़ाता है।
होम्योपैथिक चिकित्सा के संदर्भ में वे बताते हैं कि प्रत्येक मरीज के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए दवाएं भी लक्षणों के अनुरूप दी जाती हैं। वे स्पष्ट करते हैं कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लंबे समय तक खांसी बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। कुल मिलाकर उनका मानना है कि सही दिनचर्या, संतुलित आहार, स्वच्छता और समय पर उपचार अपनाकर सर्दियों की बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।

rkpnews@desk

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