बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ब्लॉक मिहींपुरवा प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमार गंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा गाँव बिहारीपुरवा में बौछार एवं टपक सिंचाई पद्धति से फसल उत्पादन” विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया इस अवसर पर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. के.एम. सिंह उपस्थित रहे l उन्होंने किसान भाइयों को पानी की बचत करने की सलाह दी और बताया दलहनी फसलों को बौछार विधि से सिंचाई करने से जमीन में उपस्थित ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है एवं फसल का वृद्ध विकास भी प्रभावित नहीं होता व पानी की बचत भी होती है। केंद्र के पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार ने बौछार एवं टपक सिंचाई पद्धति का परिचय दिया और इन विधियों से होने वाले लाभ, पानी की बचत करके अपनी लागत को कम कर सकते हैं। केंद्र की पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. हर्षिता ने बताया कि सब्जियों में सिंचाई टपक विधि से करनी चाहिए जिससे पानी की बचत भी होगी जड़ गलन जैसी बीमारियों का प्रकोप भी नहीं होगा और उत्पादन गुणवत्ता युक्त एवं अधिक मात्रा में मिलेगा। केंद्र की गृह वैज्ञानिक रेनू आर्या ने बताया कि पोषण वाटिका में सिंचाई बौछार विधि से करनी चाहिए, जिससे आवश्यकतानुसार पानी ही सब्जियों को मिल सके और पानी की बचत किया जा सके।
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