लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी लखनऊ के प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक एवं सेना से सेवानिवृत्त समाजसेवी डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ को 21 फरवरी 2026 को “मातृभाषा रत्न” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया।
यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान शब्द प्रतिभा बहु क्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन (नेपाल) द्वारा मातृभाषा के प्रचार-प्रसार, निरंतर साहित्य सृजन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
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डॉ. कर्नल मिश्र को अब तक तीन मानद डॉक्टरेट उपाधियाँ प्राप्त हो चुकी हैं। काशी हिन्दी विद्यापीठ से उन्हें विद्यावाचस्पति, विद्यासागर, साहित्य रत्न और साहित्य शिरोमणि जैसी मानद उपाधियाँ भी मिल चुकी हैं। साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उन्हें 650 से अधिक सम्मान पत्र, प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं।
उनकी ‘आदित्यायन’ श्रृंखला के नौ काव्य संग्रह तथा दो लेख संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 50 से अधिक साझा काव्य संग्रहों में उनकी रचनाएँ शामिल हैं। उनकी कविताएँ और लेख विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहते हैं। उनके पाँच अन्य काव्य एवं लेख संग्रह शीघ्र प्रकाशनाधीन हैं।
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