बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अवैध खनन और खनिजों के ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कार्यबल की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन, ओवरलोडिंग, फर्जी नंबर प्लेट और जांच से बचने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों पर गंभीर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि भरौली गोलंबर से प्रतिदिन लगभग 800 से अधिक ट्रक गुजरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खनिज लदे वाहन शामिल हैं।
बैठक में यह भी सामने आया कि कई वाहन चालक चेकिंग से बचने के लिए नंबर प्लेट पर ग्रीस या मिट्टी लगा देते हैं या नंबर प्लेट बदल देते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रत्येक ट्रक की नंबर प्लेट की गहन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आरटीओ अरुण कुमार राय को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और पूरे प्रकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही मांझी घाट से प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 60 वाहनों की सघन निगरानी के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मिट्टी या अन्य खनिज के खनन के लिए वैध पट्टा और अनुमति पत्र अनिवार्य है। बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वाहन सीज किए जाएंगे।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने एनएच-922 मार्ग पर दुर्घटना संभावित स्थान पर चार छोटे ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। संबंधित विभाग को पांच दिनों के भीतर ब्रेकर निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें सफेद रंग से पेंट कराने का आदेश दिया गया, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही संकेत मिल सके।
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बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन न केवल राजस्व की हानि करता है, बल्कि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। सभी विभाग आपसी समन्वय से नियमित जांच अभियान चलाएं और प्रतिदिन कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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