Wednesday, January 14, 2026
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डीएम ने किया जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी, जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न कक्षों का गहनता से अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। मरीजों एवं परिजनों से उपचार की गुणवत्ता, चिकित्सकों एवं स्टाफ के व्यवहार तथा सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि मरीजों को समयबद्ध, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं की देख भाल पर जोर देते हुए ठंड के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वार्डों में पर्याप्त कंबल, हीटर, तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे माताओं और नवजातों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही अस्पताल परिसर में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी में कुल 82 मरीजों को देखा गया। ओपीडी में डॉ. रूपाली, डॉ. अरुण, डॉ. ज्योत्सना एवं डॉ. शालिनी द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था। चिकित्सकों को निर्देशित किया गया कि मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार एवं समुचित परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सक के यहां से मरीजों को बाहर से दवा लेने या जांच करवाने का दबाव बनाए जाने की शिकायत न प्राप्त हो। यदि किसी भी स्तर पर ऐसा पाया जाता है तो कठोर कार्यवाही की जाएगी।
इसके पश्चात उन्होंने अस्पताल के पांचवें तल पर निर्माणाधीन आईपीएचएल लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ को निर्देशित किया कि लैब का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। आईपीएचएल लैब की निर्माण लागत 99.99 लाख रुपये है।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सीएमएस को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। ठंड के दृष्टिगत अतरिक्त इंतजाम कर मरीजों और उनके परिजनों को राहत प्रदान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, सीएमएस डॉ ए.के. द्विवेदी, डॉ ए.बी. त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

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