

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बुधवार को विकास भवन स्थित सभी कार्यालयों, पटलों और अनुभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रावलियों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, कार्यालय की साफ-सफाई और जनसामान्य से जुड़े कार्यों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके वेतन को अग्रिम आदेश तक रोके जाने का निर्देश दिया। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में कृषि, पंचायत राज, अर्थ एवं संख्यिकी, ग्रामीण अभियंत्रण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, लघु सिंचाई, युवा कल्याण, पर्यटन सहित कई विभागों के नाम शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करें। साथ ही आदेश दिया कि बिना प्रमाणित उपस्थिति पंजिकाओं का तुरंत प्रमाणीकरण कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई अधिकारियों ने छुट्टी या टूर का उल्लेख किया है, लेकिन उनकी आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई। जिलाधिकारी ने ऐसे सभी मामलों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कार्यालय परिसर की स्थिति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कृषि विभाग के आरओ बेसिन की गंदगी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय के बाहर मरम्मत कार्य के चलते साफ-सफाई न होने पर कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही विकास भवन की रंगाई-पुताई व मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी को चार दिन में डीपीआर/स्टीमेट बनाकर प्रस्तुत करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को कार्यालय व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए।