दीपावली (या दिवाली) भारतीय संस्कृति का सबसे प्रमुख और शुभ त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय, बुराई पर अच्छाई की जीत, धन और समृद्धि की प्राप्ति का प्रतीक है। 2025 में दीपावली का मुख्य दिन 20 अक्टूबर है। इस दिन को सही विधि और भाव के साथ मनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। नीचे सुबह से शाम तक पूजा और अन्य कार्यों का क्रम सरल भाषा में समझाया गया है।
- सुबह के कार्य
1.1 समय पर जागना
दीपावली के दिन जल्दी उठना बहुत शुभ माना जाता है। आदर्श समय सूर्योदय से पहले है।
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। विशेषतः नए वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
1.2 शुद्धिकरण
घर की सफाई करें। खासकर पूजा स्थान, आंगन और घर के प्रवेश द्वार को साफ करें।
तुलसी, धूप और दीप से घर को शुद्ध करें।
दीयों को साफ कर तेल और व wick की जांच कर लें।
1.3 मानसिक तैयारी
मन को शांत रखें।
दिन की शुरुआत में घर के सदस्यों से प्रेम और सौहार्द्र के साथ मिलें।
“ॐ नमो नारायणाय” का जाप करके दिन की शुरुआत करें। - मुख्य पूजा की तैयारी
2.1 पूजा स्थान सजाना
पूजा स्थल को साफ और स्वच्छ रखें।
नीचे लाल या पीला वस्त्र बिछाएँ।
पूजा स्थान पर लक्ष्मी गणेश जी की मूर्ति या फोटो रखें।
फूल, अक्षत (चावल), हल्दी-कुंकुम, दियों और मिठाईयों की व्यवस्था करें।
2.2 आवश्यक सामग्री
दियो: मिट्टी के 10–20 छोटे दीपक
दीप का तेल या घी
मक्खन व छोटी मेणबत्तियाँ (अगर चाहें)
फूल: गुलाब, गेंदा, चमेली
धूप और अगरबत्ती
लाल वस्त्र या पूजा थाल
कुमकुम, हल्दी, चावल (अक्षत)
मिठाई, फलों का भोग - सुबह की विधि
3.1 गणेश पूजन
दीपावली पर सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें।
मंत्र:
ॐ गणेशाय नमः
हल्दी-कुंकुम और अक्षत चढ़ाएँ।
अगरबत्ती और दीपक जलाएँ।
3.2 लक्ष्मी पूजन
लक्ष्मी माता के समक्ष दीपक और फूल चढ़ाएँ।
घर के कोनों में सोने या धन से संबंधित प्रतीक रखें।
लक्ष्मी पूजन मंत्र:
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
इस मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करें।
मिठाई और फलों का भोग रखें। - दिन के समय
4.1 घर और आंगन सजाना
रंगोली बनाना इस दिन का विशेष आकर्षण है।
आंगन और पूजा स्थान पर दीपों की व्यवस्था करें।
घर के दरवाजों पर लाल या पीली रेशमी लम्बी रिबन या फूलों का हार लगाएँ।
4.2 दान और सेवा
गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या पैसे दें।
यह दिन केवल पूजा का नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द्र का भी दिन है।
4.3 कामकाजी गतिविधियाँ
व्यापारियों के लिए दिन शुभ होता है। वे आज नया खाता खोल सकते हैं।
घर के सदस्यों के लिए घर के वित्तीय काम और निवेश का शुभारंभ कर सकते हैं। - शाम की विधि (सांझ पूजा)
5.1 दीप जलाना
शाम होते ही सभी घर के कोनों में दीपक जलाएँ।
दीप जलाने का तरीका: - मिट्टी का दीपक लें।
- तेल या घी भरें।
- व Wick को डालें और आग लगाएँ।
- दीपक को घर के प्रवेश द्वार, आंगन, पूजा स्थान और खिड़कियों पर रखें।
दीप जलाने का मंत्र (जपते हुए):
ॐ ज्योतिर्लिंगाय नमः
यह बुराई और अंधकार को दूर करने का प्रतीक है।
5.2 लक्ष्मी माता का पूजन
दीप जलाने के बाद लक्ष्मी माता की विशेष पूजा करें।
फूल, अक्षत, मिठाई और फलों का भोग चढ़ाएँ।
अगर संभव हो तो संतान और परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा करें।
5.3 आरती
शाम को लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें।
दीपक हाथ में लेकर घुमाएँ और परिवार के सदस्यों को उनका आशीर्वाद दें।
आरती के दौरान “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके” का गायन करें। - दीपावली की विशेष बातें
- दीपों की संख्या:
मुख्य पूजा स्थल पर 5–7 दीपक और घर के कोनों में 1–2 दीपक रखें। - दीप जलाने का समय: सूर्यास्त के बाद।
- धन लाभ: पूजा के समय साफ हाथों से सिक्के रखें।
- मंत्र और भजन: संकल्प लेकर हर दीप के सामने मंत्र बोलना शुभ माना जाता है।
- रंगोली और सजावट: रंगोली में लाल, पीला, नारंगी और हरे रंग का प्रयोग करें।
- दिवाली का सांकेतिक महत्व
दीप जलाना: अज्ञान और अंधकार पर ज्ञान और प्रकाश की विजय।
लक्ष्मी पूजन: धन और समृद्धि की प्राप्ति।
गणेश पूजन: सभी कार्यों में सफलता और बाधाओं से मुक्ति।
दान: दूसरों के कल्याण से स्वयं का पुण्य।
सामाजिक मिलन: रिश्तों में मिठास और सामंजस्य। - सरल मंत्र और व्रत की पद्धति
8.1 शुभ मंत्र
गणेश मंत्र:
ॐ गण गणपतये नमः
लक्ष्मी मंत्र:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
दीपक मंत्र:
ॐ ज्योतिर्लिंगाय नमः
8.2 व्रत और नियम
दिन भर हल्का और शुद्ध भोजन करें।
अपशब्दों से बचें और मानसिक शांति रखें।
परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा में भाग लें। - पूजा के बाद
पूजा समाप्त होने के बाद दीपक के तेल में थोड़ी हल्दी डालकर अगली बार उपयोग करें।
मिठाई और प्रसाद सभी को बांटें।
रात को आकाश की ओर दीपक देखकर मन में शुभकामनाएँ करें।
अगले दिन दीपावली का त्योहार पूरे परिवार के साथ आनंद और प्रेम से यादगार बने। - संपूर्ण दिन का सार
समय कार्य
सुबह स्नान, साफ कपड़े, गणेश पूजन, घर की सफाई
पूर्व दोपहर घर की सजावट, रंगोली, फूल और पूजा सामग्री व्यवस्था
दोपहर दान, सेवा, व्यापार/घर के शुभ कार्य
शाम (सांझ) दीप जलाना, लक्ष्मी पूजन, आरती, भोग अर्पण
रात प्रसाद बांटना, घर की कोनों में दीपक रखकर शुभकामना
दीपावली का दिन न केवल पूजा और दीप जलाने का दिन है, बल्कि यह परिवार, समाज और स्वयं के लिए उज्जवलता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने का दिन है। सही विधि और सच्चे मनोभाव से पूजा करने पर लक्ष्मी माता का आशीर्वाद सदैव मिलता है।
