जिलाधिकारी ने की आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा

संवेदनशील प्रकरणों का सतही निस्तारण करने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई:डीएम

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में आईजीआरएस के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के संबंध में समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रकरण डिफॉल्टर होने पर संबंधित विभाग के जवाबदेह अधिकारी का वेतन किसी भी दशा में जारी नहीं होगा तथा दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।आइजीआरएस प्रकरण का शासन की मंशानुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होना चाहिए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि कानून व्यवस्था एवं भूमि विवाद जैसे कुछ संवेदनशील प्रकरणों में निचले स्तर के कार्मिकों द्वारा बिना स्थलीय निरीक्षण किये तथा बगैर फोटोग्राफ एवं संबंधित पक्ष के बयान लिए सरसरी तौर पर भ्रामक तथ्यों के साथ निस्तारण किया जा रहा जो किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी प्रत्येक आईजीआरएस आख्या का अवलोकन गंभीरतापूर्वक स्वयं करें। संवेदनशील प्रकरणों में आवेदनकर्ता से बात भी करें एवं तथ्यों के विषय भलीभांति जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी निचले स्तर के कर्मचारियों के भरोसे न बैठे।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रायः यह भी देखा जा रहा है कि आइजीआरएस प्रकरण के निस्तारण 30 दिन की निर्धारित समयावधि में अंतिम समय पर किया जा रहा है, जिससे कई बार अंतरण की संभावना समाप्त हो जाती है और प्रकरण डिफॉल्ट हो जाता है।पोर्टल पर प्रकरण प्राप्त होते ही उसकी ट्रैकिंग शुरू की जाए।
जिलाधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवेदनपत्र का निस्तारण करते समय आवेदक को वस्तु स्थिति से अवगत कराया जाए। जिस विभाग में सी श्रेणी के प्रकरण अधिक होंगे उनका भी उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त मुख्यमंत्री संदर्भ, सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन सन्दर्भ, मंडलायुक्त संदर्भ, पीजी पोर्टल भारत सरकार एवं संपूर्ण समाधान दिवस तथा जिलाधिकारी जन सुनावाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि अधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। डीएम ने समस्त अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जनसुनवाई से जुड़े प्रकरण का निस्तारण समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ करें। इसमें कोताही मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में सीडीओ प्रत्यूष पांडेय, सीएमओ डॉ राजेश झा, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, एएसपी डॉ राजेश सोनकर सहित समस्त एसडीएमगण एवं जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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