कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)कृषि सूचना तंत्र को मजबूत करने और किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से ब्लॉक संसाधन केंद्र, पड़रौना में आयोजित चार दिवसीय विराट किसान मेला के तृतीय दिवस पर किसान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने किया। इस अवसर पर किसानों को कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती और सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई।जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और एफपीओ द्वारा लगाए गए कृषि प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। गन्ना अनुसंधान संस्थान, सेवरही के वैज्ञानिक डॉ. वाई.पी. भारती ने मृदा परीक्षण, बसंतकालीन गन्ने की खेती में कीट एवं रोग प्रबंधन पर उपयोगी जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, सरगटिया की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्रुति बी. ने मौसम पूर्वानुमान और साग-सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर प्रकाश डाला।उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह ने धरती बचाओ अभियान के तहत संतुलित उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि फारमर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है, अन्यथा पीएम किसान सम्मान निधि सहित बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को यह भी जानकारी दी गई कि बसंतकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती हेतु उर्द और मूंग का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।किसान दिवस के दौरान किसानों ने फारमर रजिस्ट्री, गन्ना तौल केंद्रों पर डिस्प्ले और छुट्टा पशुओं की समस्या से जुड़ी शिकायतें रखीं। जिलाधिकारी ने त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया और फारमर रजिस्ट्री व क्रॉप सर्वे के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में पात्र किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल का वितरण भी किया गया।
किसान दिवस पर योजनाओं और तकनीक का संगम, जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन
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