बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों के साथ प्रेसवार्ता कर ऐतिहासिक ददरी मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेला का शुभारंभ 6 नवंबर को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा भूमि पूजन के साथ किया गया।
डीएम ने कहा कि ददरी मेला बलिया की पहचान है, जिसे इस वर्ष और अधिक भव्यता व पारंपरिक स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। मेला क्षेत्र को 6 सेक्टर और 2 जोन में बांटा गया है। लगभग 89 एकड़ भूमि में फैले इस मेले में धार्मिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी।
दुकानों का आवंटन और दर निर्धारण
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024 में 557 दुकानें आवंटित की गई थीं, जबकि इस बार लगभग 1250 दुकानें लगाई जा रही हैं। बड़े दुकानों का शुल्क ₹8000 और छोटे दुकानों का ₹6000 निर्धारित किया गया है। अब तक लगभग 80 प्रतिशत दुकानें स्थापित हो चुकी हैं और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार बढ़ रहा है।
सांस्कृतिक व खेलकूद कार्यक्रम
मेले में दंगल, वॉलीबॉल, हॉकी, फुटबॉल जैसी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ भोजपुरी मनोरंजन, लोकगायन, धार्मिक आयोजन और बॉलीवुड कलाकारों के कार्यक्रम होंगे। कलाकारों के लिए विशेष भारतेंदु मंच तैयार किया गया है और उनके लिए अलग मार्ग व सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
सुविधाएं और व्यवस्थाएं
डीएम ने बताया कि मेले में जर्मन हैंगर, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अस्पताल, पीए सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में 150 शौचालय बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 50 तैयार हो चुके हैं। यातायात सुचारू रहे इसके लिए सड़कों की चौड़ाई 80 और 60 फीट रखी गई है। साथ ही तीन बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं — दोपहिया के लिए 250 और चारपहिया वाहनों के लिए 500 से अधिक वाहनों की क्षमता है।
खरीदारी के लिए जोनवार व्यवस्था
आगंतुकों की सुविधा हेतु मेले को अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है, जिससे वे अपनी पसंद के सामान आसानी से खरीद सकें। सभी तैयारियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा रही है। पारदर्शिता और मीडिया सहयोग
डीएम सिंह ने बताया कि मेले में पत्रकारों के लिए मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है। मेले में खर्च की गई धनराशि की ऑडिट कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह सहित जिले के सभी पत्रकार उपस्थित रहे।
ददरी मेला 7 दिसंबर 2025 तक बढ़ाया गया है।
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