चुनाव से पहले पैसा बांटना कल्याण नहीं, लोकतंत्र के साथ धोखा-डॉ. मुरली मनोहर जोशी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि “चुनावों के दौरान पैसा बांटना कल्याण नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करना है”। दिल्ली में जीवीजी कृष्णमूर्ति की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक संस्कृति पर कड़ा प्रहार किया। यह बयान उस समय आया है जब बिहार में एनडीए की जीत को महिलाओं को दिए गए दस हजार रुपये के नकद हस्तांतरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें –ढाका के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता व पूर्वोत्तर भारत में भी तेज़ झटके महसूस—कहीं से नुकसान की सूचना नहीं

डॉ. जोशी ने कहा कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों—कर्नाटक से बिहार तक, महाराष्ट्र से पूर्वोत्तर तक—आर्थिक क्षमता में भारी असमानता है, जिसके कारण “वोट की वैल्यू भी समान नहीं रह जाती”। संविधान राजनीतिक अधिकार देता है, लेकिन उन अधिकारों का वास्तविक उपयोग तभी संभव है जब नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त हों। उन्होंने इस असमानता को राजनीतिक-आर्थिक भेदभाव बताया।

बिहार चुनावों का अप्रत्यक्ष संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि आज यह बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है कि कल्याणकारी योजनाओं का पैसा जनहित के लिए था या वोट खरीदने के लिए। यह टिप्पणी मौजूदा राजनीतिक विमर्श पर सीधा वार है, जहां कैश ट्रांसफर योजनाएँ चुनावी रणनीति बनती जा रही हैं।

देश में विकास के असमान वितरण को ठीक करने के लिए डॉ. जोशी ने भारत को लगभग 70 छोटे राज्यों में पुनर्गठित करने का प्रस्ताव दोहराया। उनके अनुसार, समान जनसंख्या और समान विधानसभा सीटों वाले छोटे राज्य संसाधनों के समान वितरण और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएंगे। उन्होंने देरी से हो रही जनगणना और परिसीमन पर भी चिंता जताई और इसे लोकतांत्रिक न्याय के लिए आवश्यक बताया।

डॉ. जोशी का बयान आज की राजनीति के लिए एक कठोर आईना है, जहां कल्याण की जगह चुनावी अवसरवाद हावी हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र केवल वोट डालने का अधिकार नहीं, बल्कि आर्थिक बराबरी पर आधारित राजनीतिक सम्मान है। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल इस चुनौती को स्वीकार करेंगे या कैश-ट्रांसफर की राजनीति को ही अपना सबसे आसान हथियार बनाए रखेंगे।

Editor CP pandey

Recent Posts

नाले जस के तस: 9.50 लाख के सफाई टेंडर पर उठे सवाल, सभासद गौरव निषाद ने किया भुगतान रोक कर जांच की मांग

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई…

20 hours ago

50 मछुआरों का एनएफडीपी पोर्टल पर हुआ पंजीकरण

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और…

20 hours ago

पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावली प्रकाशित, शुरू हुआ निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली…

21 hours ago

पुलिस भर्ती परीक्षा की शुचिता पर प्रशासन सख्त, डीएम-एसपी ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी,…

21 hours ago

सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर ग्लोबल एक्सचेंज कार्यक्रम में डीडीयू के सात विद्यार्थियों का चयन, बेंगलुरु में लेंगे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क…

21 hours ago

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में प्रियंका का परचम, स्वर्ण पदक से बढ़ाया महाविद्यालय का गौरव

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड)…

21 hours ago