Categories: Uncategorized

बहुउद्देशीय मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के गठन पर चर्चा

बरहज व कपरवार में गठित की जा रही मत्स्यजीवी साहकारी समिति

बरहज/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिला मत्स्यपालक अधिकारी विजय मिश्र के निर्देश पर कपरवार में शुक्रवार को मत्स्य पालकों एवं मछुआ समुदाय के लोगों की बैठक सम्पन्न हुई I जिसमें बरहज क्षेत्र के कपरवार व बरहज में बहुउद्देशीय मत्स्यजीवी सहकारी समिति के गठन कराने पर विस्तार से चर्चा करते हुए, मत्स्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई I निषाद जितेन्द्र भारत ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्यपालकों एवं मछुआ समुदाय के लोगों के प्रति फिक्रमंद ह, काफी वर्षों बाद बहुउद्देशीय मत्स्यजीवी सहकारी समीतियों का गठन किया जा रहा है I मछुआ प्रतिनिधि रामधनी निषाद ने कहा कि निषाद समाज के लोगों को स्वरोजगार के साथ-साथ मछुआ आवास, केसीसी, दुर्घटना बीमा कई विभागीय लाभप्रद योजनायें लागू है I बीआरडी एफपीसी के डायरेक्टर ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि एफपीओ और सहकारी समितियां मिलकर काम करेंगी तो बहुतायत सरकारी योजनायें धरातल पर दिखेंगी I बरहज ब्लॉक के कृषि टेक्निशियन ललित कुमार ने पराली पर चर्चा करते हुए लोगों को जागरूक किया I बैठक की अध्यक्षता प्रधान प्रतिनिधि प्रह्लाद गुप्ता व सञ्चालन चिंतामणि साहनी ने किया I इस अवसर पर सुभाष चन्द्र, विजय साहनी, पारसनाथ, विभीषण साहनी, बबलू साहनी, शम्भुनाथ निषाद, राजाराम निषाद, शकुंतला देवी, मीरा देवी, आशा देवी, मुन्ना देवी, सीमा देवी, कपूरचंद निषाद,राम सुभग साहनी, सालिकग्राम आदि उपस्थित रहें I

rkpshomnath

Recent Posts

19 बार रक्तदान और सैकड़ों जरूरतमंदों की मदद, अब अयोध्या में सम्मानित होंगे सौरभ

अयोध्या में राष्ट्रीय सेवारत्न सम्मान से सम्मानित होंगे देवरिया पुलिस के रक्तवीर सौरभ त्रिपाठी देवरिया…

5 hours ago

मोदी के संस्कृत संदेश से लेकर मेहमानों की थाली तक, BRICS Summit में दिखेगी भारत की खास मेजबानी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से…

6 hours ago

दिल्ली जाने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक अलर्ट, 11 से 13 सितंबर तक इन रास्तों पर असर

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी में 12 और 13 सितंबर 2026 को प्रस्तावित BRICS…

6 hours ago

जल बचाने की मुहिम में जनभागीदारी जरूरी

भारत में जल संकट अब केवल भविष्य की आशंका नहीं, बल्कि वर्तमान की गंभीर चुनौती…

7 hours ago

अस्सी का वह दौर

था, रिश्तों में था प्यार।अब रिश्ते हैं फोन में, सूना है घर-द्वार॥थोड़ा था पर बाँटकर,…

7 hours ago

तंत्र सोता रहा…!

जर्जर इमारतें गिरती रहीं, तंत्र सोता रहा,दीवारों की दरारें खूब चीखती रहीं,हमेशा शहर खामोश होता…

7 hours ago