मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
30 तारीख मानसून के दौरान होने वाली आपदाओं को रोकने के लिए ठाणे जिले की सभी प्रणालियों को अभी से आपदा निवारण योजना तैयार करनी चाहिए। साथ ही, सभी स्थानीय स्व-सरकारी निकायों को एक क्षेत्रीय आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करना चाहिए। साथ ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में निर्देश दिए गए कि संभावित आपदा के अनुरूप प्रारंभिक उपायों के संबंध में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।
मानसून काल में होने वाली संभावित आपदा के अनुरूप उपाय करने को लेकर हाल ही में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक शिंगारे की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में बैठक हुई, इस समय जिले के सभी तंत्र को संभावित आपदा के अनुरूप पूर्व तैयारी करने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर सुदाम परदेशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. अनिता जवंजाल, ठाणे नगर निगम के उपायुक्त जी.जी. गोदापुरे के पुलिस उपाधीक्षक विजय डोबाल, राजमार्ग पुलिस आयुक्तालय, लोक निर्माण विभाग के सिद्धार्थ तांबे, लघु सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संदीप नलावडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंगाधर पारगे, जिला कृषि अधीक्षक कृषि अधिकारी दीपक कुटे, ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन अधिकारी यासीन तड़वी, कल्याण डोंबिवली नगर निगम के आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपक निकम, भिवंडी नगर निगम के आपदा प्रबंधन अधिकारी राजेंद्र वरारनिकर सहित दूरसंचार विभाग, नागरिक सुरक्षा बल, परिवहन विभाग, इस अवसर पर महावितरण, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और टीडीआरएफ के अधिकारी, नगर पालिकाओं/नगर परिषदों के प्रमुख, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, क्षेत्रीय परिवहन विभाग आदि उपस्थित थे मानसून के दौरान जिले में कोई आपदा न हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रहें। साथ ही संभावित आपदा राहत के लिए योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया. इस अवसर पर मानसून के मौसम में बारिश के आंकड़े दर्ज करने के लिए वर्षा मापक यंत्रों को दुरुस्त रखने, दैनिक बारिश के आंकड़े एकत्र करने, आपदा नियंत्रण कक्ष को चालू रखने, खतरनाक पुल और सड़क के कार्यों को तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
मानसून अवधि के दौरान सांप और बिच्छू के काटने पर प्रभावी दवाओं का भंडार उपलब्ध होना चाहिए। महामारी से निपटने के लिए दवाओं/टीकों का पर्याप्त स्टॉक भी रखा जाना चाहिए। इस अवसर पर यह भी निर्देश दिये गये कि पशुओं की बीमारियों के लिये आवश्यक दवायें उपलब्ध रहें नगर पालिका, रेलवे विभाग समन्वय बनाकर नालों और सीवरों की सफाई समय से पहले पूरा करें। इस समय नगर निगमों और नगर पालिकाओं को अपनी सीमा के भीतर खतरनाक और उच्च जोखिम वाली इमारतों की जानकारी तैयार करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
BRICS Summit 2026: भारत की कूटनीति का दम, मोदी की 15 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों…
बीकापुर में सपा की सियासत गर्म, युवा चेहरे के रूप में हरिशंकर की दावेदारी चर्चा…
चौधरी चरण सिंह निरीक्षण भवन का किया लोकार्पण संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। सिंचाई एवं…
निःशुल्क मेहंदी शिविर में उमड़ी माताओं-बहनों की भीड़, छात्राओं ने हुनर से सजाए हाथ महराजगंज…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। “जो राजनीतिक दल सैथवार समाज को पांच या उससे…
देवरिया में ट्रेन से 30.23 लाख रुपये नकद बरामद, संदिग्ध युवक हिरासत में; गोरखपुर ले…