Tuesday, March 10, 2026
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समानता और न्याय से ही संभव मानव सभ्यता का विकास

शून्य भेदभाव पर व्याख्यान

बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में प्राचार्य डॉ. आर. पी. यादव के संरक्षण तथा स्वामी विवेकानंद कैरिअर प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. फरहत मंसूरी के नेतृत्व में एक दिवसीय व्याख्यान “मानव सभ्यता की आधारशिला-शून्य भेदभाव” विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सायमा सरदेशमुख ने विद्यार्थियों के समक्ष विषय पर विस्तृत विचार रखते हुए कहा कि मानव सभ्यता का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समानता और न्याय ही वह आधारशिला है, जिस पर एक सशक्त और प्रगतिशील सभ्यता का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर ‘शून्य भेदभाव’ को मानवता का मूल मंत्र बनाएं।
कार्यक्रम में डॉ. अजीत डेहरिया, डॉ. मनिता कौर विरदी और डॉ. कीर्ति डेहरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने भी सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लेते हुए अपने अनुभव और विचार साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. नमिता चौबे, डॉ. शिवानी सोनी और डॉ. आकाश आहके का विशेष सहयोग रहा। संचालन डॉ. फरहत मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नसरीन अंजुम ख़ान ने किया।
इस अवसर पर डॉ. एन. एल. साहू, रामप्रकाश डेहरिया, प्रदीप भारती, शांत रेखा वाडीवा, सूर्यकांत शुक्ला सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में छात्राओं से फीडबैक लिया गया, जिसमें सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत लाभदायक और प्रेरणादायी बताया।

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