देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क सुरक्षा और सामाजिक समावेशन को मजबूती देने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक प्रेरक पहल की। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात कार्यालय देवरिया परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मूक–बधिर नागरिकों को यातायात नियमों की सुलभ और प्रभावी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
इस अवसर पर मूक–बधिर युवती शानवी ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल ढंग से समझाया। उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल की पहचान, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा, सुरक्षित लेन अनुशासन और सतर्क वाहन संचालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। यह पहल उन नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई, जिन्हें सामान्य माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
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कार्यक्रम के उपरांत यातायात पुलिस के सहयोग से एक जागरूकता मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि जिन वाहनों पर कान का प्रतीक चिन्ह अंकित हो, वे मूक–बधिर चालक द्वारा संचालित हो सकते हैं। ऐसे वाहनों के आसपास अनावश्यक हॉर्न न बजाने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई।
यातायात प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नागरिकों से यातायात नियमों के पालन, संवेदनशीलता और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का अनुरोध किया। यह देवरिया यातायात जागरूकता अभियान न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम है, बल्कि समावेशी समाज के निर्माण का सशक्त संदेश भी देता है।
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