मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
सरकार जहां एक तरफ आम नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए लोकशाही दिन और तहसील दिवस का आयोजन किया करती है वहीं चेंबूर मनपा ( प) विभाग में आम नागरिकों को सहायक आयुक्त से मिलने के लिए, कार्यालय के बाहर घंटो तक इंतजार करना पड़ता है। जबकि बिल्डरों, ठेकेदारों और व्यापारियों को सहायक आयुक्त तत्काल ही बुलाते हैं। सूचना अधिकार कार्यकर्ता मनोहर जरियाल ने बताया कि नागरिकों के साथ अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार करने वाले सहायक आयुक्त के तबादले की मांग को लेकर एम ( प)कार्यालय के बाहर शीघ्र ही हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
बता दें कि मनपा एम ( प) विभाग कार्यालय में आम जनता के लिए सहायक आयुक्त विश्वास मोटे से मिलने का समय दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक है। लेकिन सहायक आयुक्त विश्वास मोटे इस दौरान आम नागरिकों से मिलने की प्राथमिकता न देकर बिल्डरों, ठेकेदारों, होटल व्यवसायियों, व्यापारियों को तत्काल ही कार्यालय में बुला लेते हैं। जबकि आम गरीब, जरूरतमंद लोगों को घंटो घंटो कार्यालय के बाहर खड़ा रहना पड़ता है। जाने माने आरटीआई कार्यकर्ता मनोहर जरियाल का आरोप है कि जो नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर डेढ़ से दो घंटे तक कार्यालय के बाहर खड़े रहते हैं, उन्हें दो मिनट में ही समस्या का समाधान न होने के बाद भी बैरंग वापस लौटना पड़ता है। आर टी आई एक्टिविस्ट मनोहर जरियाल ने सहायक आयुक्त विश्वास मोटे की अभद्रता और मनमानी , हिटलरशाही रवैए के खिलाफ मनपा एम ( प) कार्यालय के बाहर हस्ताक्षर अभियान चलाने के लिए परिमंडल 5 के उपायुक्त हर्षद काले से अनुमति मांगी है।
इस बीच उपायुक्त हर्षद काले ने इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान में लिया है। सोमवार को उनके कार्यालय में आयोजित पीजी में यह मुद्दा उठा। इस दौरान उपायुक्त हर्षद काले ने सहायक आयुक्त विश्वास मोटे को इस मामले में 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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