दिल्ली के वसंत कुंज यौन शोषण मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आज कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी की पांच दिन की पुलिस रिमांड आज (शुक्रवार) को खत्म हो रही थी, जिसके बाद पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
दिल्ली पुलिस फिलहाल आरोपी स्वामी से मामले की गहन पूछताछ कर रही है। स्वामी चैतन्यानंद पर यौन शोषण के अलावा जालसाजी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने के दो अलग-अलग मामले भी दर्ज हैं।
ऐसे पकड़ा गया था चैतन्यानंद
- गिरफ्तारी: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च की 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया था।
- स्थान: आरोपी को आगरा, उत्तर प्रदेश के होटल फर्स्ट ताजगं से पकड़ा गया था।
- बड़े खुलासे और जांच में नए मोड़
- छात्राओं संग अल्मोड़ा में रुका था स्वामी:
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक होटल में कुछ छात्राओं के साथ रुका था। बाबा के खिलाफ सबूत जुटाने अल्मोड़ा पहुंची पुलिस टीम ने होटल स्टाफ से भी पूछताछ कर इसकी पुष्टि की है। - छात्राओं पर योग करते तस्वीरें डालने का था दबाव:
- पुलिस को चैतन्यानंद द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है।
- इस ग्रुप पर छात्राओं को योग करते हुए तस्वीरें डालना अनिवार्य था।
- पुलिस को चैट मिली है, जिसमें आरोपी उन तस्वीरों पर अनुचित और अश्लील टिप्पणियां करता था।
- विरोध दबाना: यदि कोई छात्रा विरोध करती थी, तो संस्थान में कार्यरत वार्डन उनकी आवाज को दबा देती थीं।
- तीन वार्डन गिरफ्तार:
- इस गंभीर मामले में बाबा की हरकतों पर पर्दा डालने और छात्राओं के विरोध को दबाने के आरोप में पुलिस ने संस्थान की तीन वार्डन को भी गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
