गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2025 शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार और वैश्विक पहचान का वर्ष रहा। विश्वविद्यालय ने अपनी 75वीं वर्षगांठ पर हीरक जयंती समारोह का भव्य आयोजन कर शिक्षा, अनुसंधान और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए।
हीरक जयंती समारोह छह माह तक चला, जिसकी शुरुआत राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा की गई। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि रहे। कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की 75 वर्षों की उपलब्धियों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया गया।
समारोह के दौरान महंत दिग्विजयनाथ प्रेक्षागृह का शिलान्यास, स्मृति तांबे के सिक्के और विशेष डाक टिकट का विमोचन किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित वृत्तचित्र और विषय गीत का लोकार्पण हुआ।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने 2025 में वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई। टाइम्स हायर एजुकेशन इंटरडिसिप्लिनरी साइंस रैंकिंग्स 2026 में पहली बार 801+ श्रेणी में स्थान मिला। टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2025 में 1501+ श्रेणी में प्रवेश हुआ, जो सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सामाजिक योगदान को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त क्यूएस एशिया और क्यूएस साउदर्न एशिया रैंकिंग्स में लगातार दूसरी बार स्थान मिला। नेचर इंडेक्स रैंकिंग्स 2026 में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि इंडिया टुडे बेस्ट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटीज रैंकिंग 2025 में पहली बार उल्लेखनीय रैंक हासिल की गई।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार को प्राथमिकता देते हुए ऑनलाइन और ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग माध्यम से पांच नए पाठ्यक्रम शुरू किए, जिनमें देश के 20 राज्यों से 404 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। विश्वविद्यालय को 5 करोड़ रुपये का शोध परियोजना अनुदान प्राप्त हुआ।
बीएससी एग्रीकल्चर (नेचुरल साइंसेज) पाठ्यक्रम की शुरुआत कर विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला संस्थान बना। पीएचडी शोधार्थियों की संख्या 177 से बढ़कर 884 हो गई। स्कोपस में शोध प्रकाशनों की संख्या 98 से बढ़कर 312 और वेब ऑफ साइंस में 104 से बढ़कर 111 हुई। वर्ष 2024–25 में 64 पेटेंट दाखिल किए गए, जिनमें से 57 प्रकाशित हो चुके हैं।
विधि संकाय के नए भवन का भूमिपूजन किया गया, जिसमें आधुनिक कक्षाएं, सभागार और प्रशासनिक कक्ष शामिल हैं। इंजीनियरिंग, प्रबंधन अध्ययन, केंद्रीय पुस्तकालय और फार्मेसी कक्षों के नवीनीकरण के लिए 9.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। 6.11 करोड़ रुपये की लागत से 12 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया।
प्रधानमंत्री उन्नत शिक्षा अभियान योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला, 36 एप्पल आईमैक प्रणाली वाली प्रयोगशाला और एनिमल हाउस सुविधा शामिल है, जिससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग सहयोग को बढ़ावा मिला।
कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में हाई-टेक कृषि नर्सरी की स्थापना की गई। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 पर स्वामी विवेकानंद योग वाटिका का उद्घाटन किया गया, जो अध्ययन, योग और मानसिक शांति का केंद्र बनी है। साथ ही चंदन वाटिका भी विकसित की गई।
25 अगस्त 2025 को आयोजित 44वें दीक्षांत समारोह में 161 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण और दाता पदक प्रदान किए गए। कुल 73,887 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 301 पीएचडी उपाधियाँ शामिल रहीं।
राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत स्वयंसेवक अंकुर कुमार मिश्रा को राष्ट्रपति द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार मिला, जबकि स्वयंसेवक आनंद यादव का चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ।
कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर पहुँचा। उन्हें वाइस चांसलर ऑफ द ईयर पुरस्कार तथा रक्षा मंत्रालय द्वारा कर्नल कमांडेंट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2025 में दर्ज इन उपलब्धियों ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त, विश्वसनीय और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित किया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने 2025 में रची ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
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