गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने नेचर Nature Index 2026 में एक बार फिर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत शोध क्षमता का प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और अधिक सुदृढ़ की है।
इस वर्ष भारत के कुल 519 उच्च शिक्षण संस्थानों में डीडीयू ने सभी संस्थानों में 124वां तथा भारतीय विश्वविद्यालयों में 64वां स्थान प्राप्त किया। यह सफलता राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में संभव हुई।
भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। इस श्रेणी में डीडीयू ने सभी संस्थानों में 72वां, भारतीय विश्वविद्यालयों में 43वां तथा उत्तर प्रदेश के राज्य एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि में विश्वविद्यालय के तीन महत्वपूर्ण शोध प्रकाशनों का योगदान रहा, जिनमें दो शोध पत्र यूरोपियन फिजिकल जर्नल सी तथा एक द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित हुए।
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स्वास्थ्य विज्ञान श्रेणी में भी विश्वविद्यालय ने प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। इस क्षेत्र में डीडीयू ने सभी संस्थानों में 113वां तथा भारतीय विश्वविद्यालयों में 43वां स्थान प्राप्त किया। नेचर मेडिसिन जैसी प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित शोध ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेचर इंडेक्स रैंकिंग विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध, उनकी गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मानकों को प्रमुखता दी जाती है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में शोध गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उच्च स्तरीय प्रकाशनों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब वैश्विक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। साथ ही यह सफलता विश्वविद्यालय को नवाचार और उत्कृष्ट शोध की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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