गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन के निर्देशानुसार दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने सभी परीक्षा संबंधित कार्यों को समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रबंधित करने की घोषणा करते हुए बताया है कि अब छात्रों के लिए सभी आवश्यक सेवाएं जैसे – प्रवेश पत्र जारी करना, परीक्षा केंद्र आवंटन, परिणाम, अंकपत्र और डिग्री प्रमाण पत्र, इस केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थ पोर्टल छात्रों और कर्मचारियों को एक कुशल और पारदर्शी प्रणाली प्रदान करता है। जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा पहले से अपनाए गए 41 व्यापक मॉड्यूल शामिल हैं। ये मॉड्यूल वित्तीय प्रबंधन, अवकाश प्रबंधन, फैकल्टी सीएएस प्रमोशन और भर्ती जैसे विभिन्न कार्यों का समर्थन करते है।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार सभी छात्रों को 5 नवंबर 2024 तक समर्थ पोर्टल पर अपने व्यक्तिगत ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके डीडीयूजीयू.समर्थ.ईडी.आईएन/इंडेक्स.पीएचपी/साइट/लॉगिन पर लॉगिन करना अनिवार्य है। सहायता के लिए एक हेल्प लिंक भी उपलब्ध है।
महाविद्यालयों की सहायता के लिए विश्वविद्यालय ने एक समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की है। बड़ी संख्या में छात्रों ने पहले ही समर्थ पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण कर लिया है। जबकि अन्य छात्र अपने संबंधित महाविद्यालयों की सहायता से यह प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
इस संबंध में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि समर्थ पोर्टल का एकीकरण दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की शैक्षिक सेवाओं के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम छात्रों को एक सरल और पारदर्शी अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमारी टीम इस डिजिटल परिवर्तन में उनकी सहायता करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से आग्रह किया है कि वे 5 नवंबर की समय सीमा तक अपना पंजीकरण पूरा करें ताकि परीक्षा से संबंधित सभी संसाधनों और सेवाओं का निरंतर लाभ उठा सकें। यह बदलाव छात्रों के लिए सुविधा, सूचना की सुव्यवस्थित पहुंच, और अधिक संगठित एवं केंद्रीकृत अनुभव प्रदान करेगा।