देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में आयोजित डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया के दौरान बैंकिंग व्यवस्था, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य विकास अ धिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित गांधी सभागार में दिसंबर 2025 तिमाही की जिला स्तरीय सलाहकार समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस अहम बैठक में विभिन्न बैंकों की उपलब्धियों, वार्षिक ऋण योजना, सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण और सीडी रेशियो की विस्तार से समीक्षा की गई।
वार्षिक ऋण योजना में 84.37 प्रतिशत उपलब्धि
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक जनपद में 5,63,069.65 लाख रुपये के वार्षिक ऋण लक्ष्य के सापेक्ष 4,75,072.25 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया, जो कुल लक्ष्य का 84.37 प्रतिशत है। बैठक में इस उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
कृषि क्षेत्र में 73.40 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि कुल प्राथमिकता क्षेत्र में 53.17 प्रतिशत की प्रगति सामने आई। अधिकारियों ने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले जिले में कृषि ऋण वितरण को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।
सीडी रेशियो बढ़ाने के निर्देश
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया का प्रमुख मुद्दा जनपद का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) रहा। वर्तमान में यह 42.91 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत 59 प्रतिशत से काफी कम है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी बैंकों को सीडी रेशियो बढ़ाने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से उन बैंकों को चेतावनी दी गई जिनका सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है। उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने, ऋण वितरण बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि बैंक स्थानीय स्तर पर पर्याप्त ऋण वितरण नहीं करेंगे तो विकास की गति प्रभावित होगी।
स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल ऋण में तेजी
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) ऋण वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैंक सखी और समूह सखी के माध्यम से गांव स्तर पर खाताधारकों से संपर्क कर लंबित मामलों का निस्तारण करने तथा जमा राशि वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रमुख सरकारी योजनाओं की समीक्षा
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, उनमें शामिल हैं—
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
स्वयं सहायता समूह ऋण
व्यवसाय ऋण
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
पीएमएफएमई (PMFME)
एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)
माटी कला योजना
पीएम स्वनिधि योजना
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाए और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध स्वीकृति दी जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
आरबीआई अधिकारी ने दिया विशेष जोर
भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी अधिकारी ने ‘आपकी कुंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत शाखावार सूची उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाताधारकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निष्क्रिय खातों की राशि की वापसी सुनिश्चित करना बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
ग्राम पंचायत स्तर पर बैंक सखी और समूह सखी के माध्यम से खाताधारकों से सीधा संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुराने नोट व नए सिक्कों के लिए विशेष कैंप का प्रस्ताव
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम ने प्रत्येक शाखा में पुराने नोट बदलने और नए सिक्कों के वितरण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई और इसे आम जनता की सुविधा के लिए उपयोगी बताया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में ओएसडी माननीय सांसद देवरिया सदर अभिषेक पाण्डेय, भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी समशुद्दीन, अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम, डीसी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आलोक पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार, उद्योग विभाग से एस. सिद्दीकी, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद, मत्स्य निरीक्षक रितेश कुमार शाही, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड सूरज शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास प्रसाद सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और जिला बैंक समन्वयक मौजूद रहे।
विकास को गति देने की दिशा में अहम बैठक
कुल मिलाकर डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया जिले की आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। बैठक में स्पष्ट संकेत दिए गए कि बैंकिंग क्षेत्र को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। सीडी रेशियो बढ़ाने, ऋण वितरण में पारदर्शिता लाने और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो जनपद में रोजगार सृजन, स्वरोजगार और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंकिंग संस्थाएं तय लक्ष्यों को किस प्रकार पूरा करती हैं।
देवरिया में डीसीसी-डीएलआरसी समीक्षा बैठक, बैंकों को ऋण वितरण बढ़ाने के सख्त निर्देश
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