बिजली के खंभों में करंट उतरने का खतरा, नागरिकों की सुरक्षा पर मंडराता संकट

उतरौला /बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बिजली के लोहे के खंभों में करंट उतरने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह समस्या नगर के कई हिस्सों में देखी जा रही है, जहां नमी और पानी के संपर्क में आने से बिजली के खंभों में करंट उतरने की घटनाएं बढ़ने का अंदेशा है। इस स्थिति ने नगर के निवासियों और पशुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग की लापरवाही और खंभों की मरम्मत न होने की वजह से यह स्थिति और चिंताजनक हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में पूर्व में कई बिजली के खंभों में करंट उतरने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे उन्हें अपने घरों के बाहर गए बच्चो के लिए डर महसूस हो रहा है। इस समस्या की वजह से विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा और बढ़ गया है। लोग चिंतित हैं कि अगर समय रहते बिजली विभाग इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बिजली विभाग ने हालात की गंभीरता को समझते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान और बाद में बिजली के खंभों और खुले ट्रांसफार्मर से दूरी बनाए रखें। विभाग का कहना है कि खंभों में करंट आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, खासकर जब वे लोहे के होते हैं और नमी के संपर्क में आते हैं। विभागीय अधिकारियों ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतें।
उतरौला बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई हिस्सों में खुले ट्रांसफार्मर भी नागरिकों के लिए एक बड़ा खतरा बन रहे हैं। बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर के आस-पास पानी जमा हो जाता है, जिससे उसमें करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में मोहल्ला गांधीनगर पानी के टंकी के पास के निवासियों ने बताया कि बिजली विभाग ने खुले ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पिछले कई दशकों से यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई स्थायी कदम नहीं उठाए गए हैं। कई जगहों पर बिजली के खंभे जर्जर हो चुके हैं और उनमें कभी भी करंट उतर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद, प्रशासन की ओर से केवल चेतावनी जारी की जाती है, लेकिन कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते। नागरिकों की मांग है कि बिजली विभाग और प्रशासन मिलकर इस समस्या का तुरंत समाधान करें। खंभों की नियमित जांच की जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां खंभों की मरम्मत या उन्हें बदलने का कार्य किया जाए। साथ ही, खुले ट्रांसफार्मर को सुरक्षित तरीके से ढकने और उनके आस-पास की जगहों को साफ-सुथरा रखने की भी आवश्यकता है, ताकि पानी जमा न हो और करंट का खतरा न बढ़े।

Karan Pandey

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