महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के शिकार युवक को ₹1.90 लाख की शेष धनराशि वापस कराई।
कनाडा में नौकरी का झांसा
थाना चौक क्षेत्र के परसौनी निवासी मोहम्मद सर्फुद्दीन से साइबर अपराधियों ने ईमो और स्नैपचैट के जरिए संपर्क किया। ठगों ने कनाडा की कंपनी में नौकरी दिलाने का लालच देकर प्रक्रिया शुल्क सहित कुल ₹3.51 लाख विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से मिली सफलता
अपर पुलिस अधीक्षक (नोडल अधिकारी साइबर क्राइम) सिद्धार्थ के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी फरेन्दा अनिरुद्ध कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पहले चरण में ₹1.61 लाख की धनराशि वापस कराई गई थी। जांच में पता चला कि कुछ रकम पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा से सटे क्षेत्र में स्थित एक खाते में ट्रांसफर हुई थी। बैंक अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर न्यायालयीन आदेश प्राप्त किए गए, जिसके बाद शेष ₹1.90 लाख भी पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए।
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इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में कांस्टेबल अर्जुन पासवान और कांस्टेबल पियूष नाथ तिवारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस का आभार जताया।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
• अनजान व्यक्तियों के झांसे में न आएं
• नौकरी या निवेश के नाम पर ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर न करें
• किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें
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