सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर को ज्ञापन सौंपकर ग्रामसभा हथौंज में दलित परिवारों के कथित उत्पीड़न, मकान ध्वस्तीकरण और अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई।ज्ञापन में कहा गया कि 3 फरवरी को ग्रामसभा हथौंज में बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए दलित भूमिहीन रामबचन राम और रामगोविन्द राम के पुश्तैनी मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही सैकड़ों दलितों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए तत्काल पुनर्वास और मुकदमों की वापसी की मांग की।
भाकपा (माले) ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों को अविलंब जमीन और आवास उपलब्ध कराया जाए। ग्रामसभा हथौंज के भूमिहीन दलितों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं तथा अज्ञात अभियुक्त बनाकर किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
इसके अतिरिक्त ग्रामसभा लिलकर, खरीद मौजा, दियरा दरौली और उसरैला के पट्टेदारों की जमीन की तत्काल पैमाइश कराने तथा मौजा सीसोटार स्थित अराजी संख्या 4052 की पैमाइश कर पार्टी कार्यालय हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन सौंपने वालों में भाकपा (माले) के जिला सचिव लाल साहब, केंद्रीय कमेटी सदस्य श्रीराम चौधरी, नियाज अहमद (नेता किसान महासभा), राजेश, शंभु राजभर, अशोक राम, रिंकू देवी, जयप्रकाश शर्मा, कमला देवी, कमलाबी देवी, मिनय राम, दीपन राम, रामप्रवेश शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
