सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों के खिलाफ सलेमपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को लेकर अमेरिकी रुख की कड़ी आलोचना की तथा अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माक्र्सवादी) नेताओं ने कहा कि अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियां विश्व शांति के लिए खतरा बनती जा रही हैं। उनका आरोप था कि किसी संप्रभु राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे वैश्विक अस्थिरता बढ़ती है।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के चित्र का दहन किया गया और “अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद”, “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” तथा “वेनेजुएला की जनता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए गए।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट और सशक्त रुख अपनाए तथा अमेरिका की दखलअंदाजी वाली नीतियों का विरोध करते हुए विश्व शांति, संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हो।
इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में का० सतीश कुमार, का० रामनिवास यादव, हरे कृष्ण कुशवाहा, अभिनाश मौर्य, प्रेमचंद्र यादव, सुशील सहित बड़ी संख्या में भाकपा (माक्र्सवादी) के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अमेरिकी नीतियों के विरोध में भाकपा (माक्र्सवादी) का प्रदर्शन, साम्राज्यवाद पर साधा निशाना
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