श्रावस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में उस समय सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मंच से दिया गया एक बयान विवाद का कारण बन गया। गिलौला क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में सनातनी समाज के लोग मौजूद थे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए विष्णु देव महाराज ने सैयद सालार मसूद गाजी की मज़ार को लेकर टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सूर्यकुंड को पाटकर मज़ार बनाई गई है और यह भी कहा कि यदि राम मंदिर के सपने को पूर्णता तक पहुंचाना है तो इस मज़ार को हटाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज में अपनी विरासत वापस लेने की ताकत मौजूद है।
बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग इसे आस्था और इतिहास से जोड़कर समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरे वर्ग ने इसे भड़काऊ बताते हुए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला करार दिया है।
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, हालांकि सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और टिप्पणियों पर नजर रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
हिंदू सम्मेलन में मज़ार को लेकर बयान से बढ़ा विवाद, प्रशासन सतर्क
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