देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के ओवरब्रिज के पास स्थित सरकारी बंजर भूमि पर खड़ी एक अवैध मज़ार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तीन और चार जनवरी को इसी स्थल पर बड़े इस्लामिक आयोजन की तैयारी की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने इस मामले में 31 दिसंबर को प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर प्रस्तावित आयोजन पर तत्काल रोक लगाने और अवैध मज़ार को ध्वस्त कराने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजस्व जांच और अभिलेखीय प्रक्रिया में यह स्पष्ट हो चुका है कि उक्त भूमि सरकारी बंजर है, जिस पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मज़ार खड़ी की गई थी।
विधायक का कहना है कि जब यह भूमि सरकारी बंजर घोषित हो चुकी है, तब वहां किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन की अनुमति की प्रक्रिया शुरू किया जाना नियमों के विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे आयोजन से भीड़ एकत्र होने और सामाजिक शांति एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्व. राम नगीना यादव ने इस अवैध मज़ार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी, और उस संघर्ष को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। विधायक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी अवैध गतिविधि या आयोजन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामले को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि गृह विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या कदम उठाता है।
देवरिया में सरकारी भूमि पर प्रस्तावित इस्लामिक आयोजन पर विवाद, रोक की मांग
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