Friday, February 27, 2026
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अमृत योजना में देरी पर ठेकेदारों को चेतावनी

धनबाद में जलापूर्ति योजनाओं पर सख्ती, अमृत फेज-1 की सुस्ती पर नगर आयुक्त का कड़ा रुख

धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त और भरोसेमंद बनाने के लिए नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने शहरी क्षेत्र में संचालित चार प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में डीएमएफटी से वित्तपोषित फेज-2 जलापूर्ति संवर्धन योजना की प्रगति की विस्तार से पड़ताल की गई।
एलएंडटी द्वारा क्रियान्वित फेज-2 योजना में इंटेक वेल निर्माण के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतें, डीवीसी व एनएचएआइ से समन्वय की बाधाएं, अतिक्रमण, विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति में देरी तथा सिंदरी क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों को चिह्नित किया गया। नगर आयुक्त ने इन अड़चनों के त्वरित समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
वहीं अमृत फेज-1 जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। श्रीराम इपीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नियमसम्मत कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा करना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान जलापूर्ति नेटवर्क में लीकेज, तकनीकी खामियों और वितरण व्यवस्था की कमजोरियों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।

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नगर आयुक्त ने घरेलू जल संयोजन से होने वाले राजस्व संग्रह की कमजोर स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई और प्रभावी सुधार न होने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। सभी एजेंसियों को राज्य व केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन और नगर विकास एवं आवास विभाग को नियमित प्रगति प्रतिवेदन भेजने के आदेश दिए गए। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जुडको सहित सभी संबंधित एजेंसियां उपस्थित रहीं।

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