Monday, March 2, 2026
Homeउत्तर प्रदेशनिरंतरता और अनुशासन ही शैक्षिक उन्नयन का मूल आधार- प्रो. अनुभूति दुबे

निरंतरता और अनुशासन ही शैक्षिक उन्नयन का मूल आधार- प्रो. अनुभूति दुबे

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे रहीं। छात्रों को संबोधित करते हुए प्रो. दुबे ने कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षार्थी जीवन के आरंभ से लेकर दीक्षांत तक मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की नियमावली, सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी रखना विद्यार्थियों का भी दायित्व है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. सुनीता दुबे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को भावी शिक्षक एवं प्रशिक्षक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पूरे प्रशिक्षण काल में अनुशासित रहने और शिक्षा की पवित्रता एवं गोपनीयता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. सुषमा पांडेय ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को उच्च शैक्षणिक मानकों, भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की गहन समझ प्रदान करने का माध्यम है। इस अवसर पर प्रो. उदय सिंह, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. मीतू सिंह, डॉ. दुर्गेश पाल, ज्योति बाला, डॉ. मुकेश कुमार सिंह और डॉ. अर्जुन सोनकर सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण अवधि में समर्पण और उत्साह के साथ सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में एम.एड., बी.एड. एवं शोध छात्र-छात्राओं सहित 200 से अधिक विद्यार्थी मौजूद रहे।

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