Tuesday, February 17, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकंसलटेंट फार्मासिस्ट ने दिया जिला अधिकारी को ज्ञापन

कंसलटेंट फार्मासिस्ट ने दिया जिला अधिकारी को ज्ञापन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) कंसलटेंट फार्मासिस्ट चंदन जयसवाल ने जिला अधिकारी देवरिया को ज्ञापन दिया और ज्ञापन में कहा की हाल ही में भारत सरकार ने मरीजों को दवा के सॉल्ट नेम जेनेरिक नाम के साथ प्रिस्क्रिप्शन लिखने का आदेश जारी किया है। जिस पर 14 अगस्त को डॉक्टरों के संगठन आईएमए ने लिखित रूप से विरोध और संदेह जताया है। जो सही नहीं है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के मुताबिक, फार्मासिस्ट को दवा देने का अधिकार है और फार्मा कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह मरीज को डीसीजीई से तैयार दवा मुहैया कराए। डाक्टरों की संस्था आईएमए का कहना है कि, नई दवा नीति से साल्ट/जेनरिक दावा चयन का अधिकार फार्मासिस्ट के हाथ में आजाएगा जो की संविधानिक रूप से सही है । केवल फार्मासिस्ट को ही रोगी के लिए सही दवा चुनने का अधिकार होना चाहिए। आई एम ए का कहना है कि जेनरिक दवा की ट्रेन बे पटरी है।जिसका समाधान न तो भारत सरकार के पास है नही राज्य सरकार के पास नही फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के पास नही खुद डाक्टरों कैम्यूनिटी के पास लेकिन हमारे पास भारत में जेनरिक दवा को पटरी पर लाने का एम सी पी सिस्टम मॉडल है । जिससे संबंधित दस्तावेज मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया के कार्यालय में उपस्थित है ।आगे उन्होंने अनुरोध किया की उक्त के संदर्भ में ध्यान आकर्षित कर मरीजों फार्मासिस्ट के हित में एम सी पी सिस्टम मॉडल प्रयोग में लाने की कृपा करे ।स्थायी रूप से पटरी पर लाने के लिए हमारे पास “एमसीपी सिस्टम मोडेप” है। किसके दस्तावेज,सीएमओ कार्यालय देवरिया में है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त विषय पर ध्यान देकर भारत सरकार, मरीजों एवं कर्मियों के सम्मान हेतु “एमसीपी सिस्टम मॉडल” का प्रयोग करें

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments