Saturday, February 21, 2026
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स्तनपान बढ़ाने के लिए कमिश्नर ने की बैठक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l मण्डलायुक्त सभागार में मंडल आयुक्त रवि कुमार एनजी की अध्यक्षता में स्तनपान बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया जिससे जन्म होते और जन्म के 1 महीने के अंदर होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके। भारत में लगभग 14 लाख से ज्यादा बच्चे अपने पहले जन्म दिन से पूर्व ही और उनमें से 10 लाख अपने जन्म के पहले महीने में ही मर जाते हैं। सभी माताओं के द्वारा प्रसव के एक घण्टे के अन्दर स्तपान कराने से एक महीने के अन्दर होने वाली मृत्यु दर को 22.3 प्रतिशत कम किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ शोध के द्वारा प्रसव के 2 से 3 घण्टे के अन्दर स्तपान कराने से एक महीने के अन्दर होने वाली मृत्यु दर को 333 प्रतिशत कम किया जा सकता है यह परिवर्तन तब है, जब केवल स्तनपान प्रथम महीने में कराया गया। यदि समुचित स्तनपान 0-6 माह में सभी माताओं के द्वारा कराया जाय तो डायरिया से मृत्यु को 4.6 गुना एवं निमोनिया को 2.5 गुना कम किया जा सकता है।
लैनसेट के शोधपत्र 2008 में यह देखा गया कि समुचित से कम स्तनपान डायरिया, निमोनिया एवं नवजात दुआ में संक्रमण से होने वाली मृत्यु एक बड़ा कारण है। अतः स्तनपान के बारे में सही जानकारी से इस मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
आहार के परिपेक्ष में प्रतिवर्ष होने वाले 2.6 से 2.7 करोड़ बच्चों में 22 प्रतिशत कम वजन के होते हैंl (NFHS-3) शुरूआत से स्तनपान इस कुपोषण को कम कर सकता है, क्योंकि यह कुपोषण पहले के कुछ महीनों से आरम्भ होकर 18 महीनों की उम्र पर अपने चरमसीमा पर होता है। 6 करोड़ से ज्यादा बच्चे 5 वर्ष से कम उम्र के हैं कुपोषित हैंl डब्ल्यूएचओ के द्वारा यह साबित हो चुका है कि स्तनपान बुद्धिलब्धता (IQ) को बढ़ाता है। क्योंकि मस्तिष्क का विकास पहले साल में 70% और दूसरे साल के अन्त तक 90% तक होता है। यहीं पहले दो साल का समय किसी भी समाज के मस्तिष्क के स्तर को निर्धारित करता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार स्तनपान मोटापा एवं बाद में होने वाले उच्च रक्तचाप व दिल सम्बन्धी रोगों को भी अपेक्षाकृत कम करता हैl बैठक में संबंधित अधिकारी व कर्मचारी गण मौजूद रहे।

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