
प्रयागराज(राष्ट्र की परम्परा)। समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) 2023 के रविवार को सम्पन्न प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के मध्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस मामले की यूपी एसटीएफ से जांच कराने की सिफारिश की है। ध्यातव्य है कि आरओ के 334 और एआरओ के 77 कुल 411 पदों के लिए प्रदेश के 58 जिलों में 2387 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा को लेकर घमासान मचा हुआ है। परीक्षा में पंजीकृत 1076004 अभ्यर्थियों में से 64 प्रतिशत उपस्थित रहे।
आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार आरओ/ एआरओ (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 के संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को दृष्टिगत रखकर आयोग ने इस पूरी परीक्षा की जांच के लिए एक आन्तरिक समिति का गठन किया है। साथ ही आरओ/एआरओ (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 के सारे बिन्दुओं पर एसटीएफ से जांच कराने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए शासन को अनुशंसा की गयी है।जांच के बाद परीक्षा की शुचिता को दृष्टिगत रखकर आयोग के स्तर से उचित निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी ओर प्रतियोगी छात्रों का दावा है कि शनिवार आधी रात के बाद ही पेपर आउट हो गया था और उत्तरकुंजी विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल होने लगी थी।

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