
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर आरोप लगाते हुए रामचंद्र चौधरी ने कहा कि जनपद की चिकित्सा इकाइयों में साफ-सफाई और लॉन्ड्री सेवा हेतु जेम निविदा में मनमानी कर सीएमओ ने अपने चहेते फर्म को टेंडर दे दिया है। जबकि सरकार की मंशा के अनुरूप वह दूर-दूर तक मानक में नहीं है।
रामचंद्र चौधरी का कहना है कि सीएमओ संत कबीर नगर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में साफ-सफाई एवं लॉन्ड्री सेवा हेतु टेंडर निकाला गया था। जिसमें लगभग 24 फर्मों ने पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन किया था। सीएमओ ने कार्यालय पूर्व से कार्य कर रही तीन फर्मों को योग्य घोषित कर दिया और बाकी 21 फर्मों को अयोग्य घोषित करते हुए प्रतिस्पर्धा को ही खत्म कर दिया।
रामचंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि सीएमओ ने उक्त निविदा की तकनीकी बिड ऐसी फर्म को योग्य घोषित किया। जिसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी अभी 4 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। जबकि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार निविदादाता फर्म के पास कार्य करने का कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। इससे यह स्पष्ट है कि राजकीय कोष को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने का कार्य किया गया है।
रामचंद्र चौधरी ने जिलाधिकारी संत कबीर नगर को ज्ञापन देते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन लखनऊ उत्तर प्रदेश को भी भेजते हुए कार्यवाही की मांग की है। अब देखना है कि रामचंद्र चौधरी की आवाज कहां तक गूंज रही है। क्योंकि पूर्व में की गई लिखा पढ़ी का नतीजा शून्य रहा है।
