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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया

सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता: यूपी सरकार दायर करेगी समीक्षा याचिका

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करे, जिसमें सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक अनुभवी हैं और उन्हें समय-समय पर सरकार द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता रहा है। ऐसे में उनकी वर्षों की सेवा और योग्यता को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

सीएम कार्यालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी—
“माननीय मुख्यमंत्री जी ने बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।”

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गौरतलब है कि 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की पीठ—न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह—ने आदेश दिया था कि जिन सरकारी स्कूल शिक्षकों की सेवा में पाँच साल से अधिक समय शेष है, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र देना पड़ेगा।

यह आदेश मूल रूप से तमिलनाडु और महाराष्ट्र में शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया था, लेकिन इसका असर पूरे देश पर पड़ा। अनुमानित तौर पर लगभग 10 लाख शिक्षक इससे प्रभावित होंगे, जिनमें से केवल उत्तर प्रदेश में ही करीब 2 लाख शिक्षक शामिल हैं।

शिक्षकों में तनाव, दो ने की आत्महत्या

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में शिक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। बीते पाँच दिनों में राज्य में दो शिक्षकों ने आत्महत्या कर ली। मृतक शिक्षकों की आयु क्रमशः 40 और 50 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि वे टीईटी परीक्षा की तैयारी और उसे पास करने के दबाव को सहन नहीं कर पाए।

आगे की राह

राज्य सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दाखिल करेगी। अब देखना होगा कि देश के लगभग 10 लाख प्रभावित शिक्षकों को इस मामले में क्या राहत मिलती है।

Editor CP pandey

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