गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी मामले की जांच में यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच अनिवार्य है तथा लापरवाही अक्षम्य होगी।
जनता दर्शन में सुनीं 150 लोगों की समस्याएं
शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
गलत रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
जनता दर्शन में कुछ फरियादियों ने आरोप लगाया कि उनके मामलों में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जांच कर दोषी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर जानबूझकर प्रकरण लंबित रखा गया या हीलाहवाली की गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
ये भी पढ़े – 15% रिटर्न का जाल: कैसे फैला मैक्सीजोन चिटफंड नेटवर्क
जमीन कब्जे और इलाज सहायता पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वालों के मामले में अस्पताल का इस्टीमेट शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने को कहा, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता प्रदान की जा सके।
बच्चों को दिया स्नेह, गोशाला में की गोसेवा
जनता दर्शन में आए बच्चों को मुख्यमंत्री ने दुलार दिया और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। प्रवास के दौरान उन्होंने गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए और मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2026/01/earthquake-engineering-structural.html?m=1
