कागजों में साफ-सफाई, हकीकत में गंदगी: ग्राम पंचायत व्यवस्था पर सवाल

सफाईकर्मियों की नदारदी से हथिनी गांव में गंदगी का संकट, ग्रामीणों ने चलाया स्वच्छता अभियान, सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल

धीरेन्द्र त्रिपाठी


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा हथिनी में तैनात सफाईकर्मियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण गांव में गंभीर स्वच्छता संकट उत्पन्न हो गया है। गांव की प्रमुख गलियां, सार्वजनिक घाट और नालियां लंबे समय से साफ न होने के चलते कूड़ा-करकट से भर गई हैं। जगह-जगह फैली गंदगी और जलभराव से दुर्गंध फैल रही है, जिससे ग्रामीणों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई गलियों से होकर गुजरना भी मुश्किल हो गया है।

ये भी पढ़ें – प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0: 3494 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त, पक्का मकान का सपना हुआ साकार

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूर होकर गांव के लोगों ने स्वयं मोर्चा संभाला और श्रमदान के माध्यम से सफाई अभियान शुरू किया। झाड़ू, फावड़ा और अन्य साधनों से ग्रामीणों ने गलियों, घाटों और नालियों की सफाई कर कूड़े को हटाया। इस अभियान में दिनेश त्रिपाठी, सोनू राय, विनोद, बिरजू तिवारी सहित अनेक ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

ये भी पढ़ें – बूथों पर पढ़ी गई ड्राफ्ट मतदाता सूची, बड़ी संख्या में नागरिकों ने किया सत्यापन

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी महीनों से गांव में दिखाई नहीं देते, जबकि सरकारी अभिलेखों में नियमित सफाई दर्ज की जा रही है। इससे न केवल ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर हो रही है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें – मंडलायुक्त ने राजनीतिक दलों के साथ एसआईआर की समीक्षा की, समन्वय पर दिया जोर

इस मामले में खंड विकास अधिकारी चंद्रशेखर कुशवाहा ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए जाएंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, सफाईकर्मियों की उपस्थिति की निगरानी हो और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

Editor CP pandey

Recent Posts

दिशा बैठक में गूंजे बरहज के मुद्दे, श्वेता जायसवाल ने अधिकारियों के सामने रखीं प्रमुख मांगें

दिशा की बैठक में नपा अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने उठाए जनहित के मुद्दे, पेयजल से…

35 minutes ago

बिहार पंचायत चुनाव: EBC आरक्षण पर बड़ा अपडेट, पंचायतवार आंकड़ों से तय होगा हिस्सा

बिहार पंचायत चुनाव में EBC आरक्षण पर कवायद तेज, पंचायतवार तय हो सकता है हिस्सा…

47 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद बढ़ा दबाव, रीतब्रत समेत 10 TMC विधायकों को नोटिस

सांकेतिक कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा)। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी गुटीय विवाद के बीच पश्चिम…

60 minutes ago

पुलिस का जनसंवाद के जरिए सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में आमजन की सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने…

1 hour ago

नवजात की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर मांगा जवाब

सांकेतिक फोटो यूपी सरकार से चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की कार्ययोजना तलब लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)।…

2 hours ago

सर्वर में सेंध लगाकर 2.42 करोड़ उड़ाए, 58 बैंक खातों में पहुंची रकम

नोएडा में फिनटेक कंपनी का सर्वर हैक, 2.42 करोड़ रुपये की साइबर ठगी497 लेनदेन के…

2 hours ago