संसदीय लोकतंत्र की मजबूती में चन्द्रशेखर की भूमिका अहम: मुख्यमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मूर्ति का किया अनावरण

बलिया( राष्ट्र की परम्परा)
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मूर्ति का अनावरण करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बलिया पहुंचे। चंद्रशेखर उद्यान में उन्होंने उनकी मूर्ति का अनावरण किया। इसके बाद पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में जनसभा को सम्बोधित किया। पुलिस लाइन से ही जनपद में सब्जियों के निर्यात, जिसमें बलिया का मिर्चा लेकर दोहा कतर के लिए जाने वाले ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही ‘आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर’ कार्यक्रम के तहत निराश्रित महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के औपचारिक तौर पर दस महिलाओं में टूल किट का वितरण किया। उन्होंने 75 करोड़ की कुल 46 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।

जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री कहा कि चंद्रशेखर ने बलिया को नई पहचान दी थी। उन्होंने हमेशा मूल्यों व आदर्शों की राजनीति की। देशहित उनके लिए सर्वोपरि था। संसदीय लोकतंत्र की मजबूती उनकी अहम भूमिका थी। पूरे भारत में उनके प्रशंसक हैं। जब लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास हुआ तो वह देश के लिए मुखर स्वर बने। जब स्वदेशी आंदोलन चला तो उन्होंने खुलकर इसका समर्थन किया था। मूर्ति निर्माण का कार्य आजमगढ़ में हुआ है, उस हस्तशिल्पकार की तारीफ करनी होगी।
उन्होंने कहा कि बलिया बागी स्वभाव के लिए जाना जाता है। लेकिन उससे भी अलग हटकर अपनी पहचान बना सके, इसका आज शुभारंभ हुआ है। कृषक संगठनों के माध्यम से यहां अलग-अलग सब्जी का उत्पादन होगा और वह दुनिया भर के अंतराष्ट्रीय बाजार में जाएगी। किसान की आमदनी को दुगना करना है तो खेत से बाजार तक का सफर बेहतर तरीके से कराना होगा। सब्जी की प्रोसेसिंग व पैकिंग कर जल मार्ग से भेजे जाने की यहां अपार सम्भावनाएं है। दोनों तरफ गंगा व सरयू जैसी बड़ी नदियां होने कारण जल मार्ग से कृषि उत्पाद को वैश्विक बाजार तक पहचाने में मदद मिलेगी। व्यापार और रोजगार को देखा जाए तो हल्दिया-वाराणसी वाया बलिया होकर जल मार्ग का उपयोग हो तो हजारों लोगों को यहीं रोजगार मिल जाएगा। यहां से बाहर अन्य प्रांतों में रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इसमें कृषक उत्पादन संगठन काफी बेहतर कर सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ है। आश्वस्त किया कि बलिया के विकास के लिए कोई परियोजना लंबित नहीं रहेगी। हम सब मिलकर मजबूती के साथ काम करेंगे। यहां की ऊर्जा का भरपूर प्रयोग हो तो लोगों की आमदनी को कई गुना बढाया जा सकता है।

rkpshomnath

Recent Posts

प्लास्टिक से ई-कचरे तक: फेंकी हुई चीजों में छिपी नई अर्थव्यवस्था की ताकत

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026: क्या प्लास्टिक और ई-कचरे का कबाड़ बनेगा नई अर्थव्यवस्था की…

6 hours ago

राजभाषा हिन्दी के जागरूकता हेतु मऊ स्टेशन पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

वाराणसी(राष्ट्र क़ी परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन के निर्देशानुसार तथा वरिष्ठ मंडल आंकड़ा एवं…

7 hours ago

जनगणना की तैयारियों में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

16 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगी स्वगणना, एक दिसंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना…

7 hours ago

बाल वाटिका में माताओं को बताया बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्व

तीन से छह वर्ष के बच्चों को नियमित आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की अपील, चेयरमैन ने…

7 hours ago

खाद्य प्रसंस्करण से स्वरोजगार की राह, 30 प्रशिक्षार्थियों ने सीखी तकनीक

फल-सब्जियों के प्रसंस्करण से आय बढ़ाने के बताए तरीके, पीएमएफएमई योजना की भी दी जानकारी…

8 hours ago

2500 बेरोजगारों के लिए रोजगार की राह आसान

सेवायोजन विभाग और गुजरात की कंपनियों के बीच हुआ करार, रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत…

8 hours ago