Sunday, November 30, 2025
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चंदन नदी का दूसरे दिन रौद्र रूप,लाल निशान पार,दहशत में ग्रामीण

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से चंदन नदी का जल स्तर दूसरे दिन भी खतरे की लाल रेखा पार कर गया है। नदी की तेज बहाव वाली धारा अब दोनों किनारों को लबालब भर चुकी है। नदी का यह उफान आस-पास के गांवों के लिए चिंता का सबब बन गया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है, लोग रात भर जागकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
चंदन नदी के किनारे बसे गांव भरवलिया, बसंतपुर, बोदना, मैरी, सूकरहर, बकुलडीहा, नौनिया व तुर्कहिया माधवनगर के खेत और सीवान पानी से भरा है। क्षेत्र में पानी का दबाव अधिक है। सबसे बड़ी चिंता पशु पालकों में है। पशुओं के चारे की व्यवस्था करना कठिन हो गया है, जिससे उनका पालन-पोषण चुनौती बन गया है।
क्षेत्र के पशुपालक अनिरुद्ध यादव, सुरेश यादव, भरत यादव, करण यादव, नंद कुमार यादव, नंदू प्रसाद, राजेश कुमार,कोइल तथा धवल आदि ने बताया कि लगातार तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पशुओं के साथ पूरा दिन सड़कों पर बीत रहा है। घर में रखा भूसा भीग गया है। बारिश से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। गांवों की कच्ची सड़कों पर पानी और कीचड़ से आवागमन मुश्किल हो गया है। कई घरों में बरसाती पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर सामान पहुंचाने की मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं सिंचाई विभाग और प्रशासन ने हालात पर पैनी नजर रखी है। राजस्व और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं। बांध और तटबंधों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी के किनारे न जाएं और मवेशियों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर कर दें। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश नहीं थमा, तो चंदन नदी का जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना है। जिससे प्रभावित गांवों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द राहत और बचाव की ठोस व्यवस्था करे। लगातार बढ़ते जल स्तर ने इस क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। लोग इंद्र देव से प्रार्थना कर रहे हैं कि आसमान से बरसते बादल थम जाएं, जिससे चंदन नदी की उफान भरी धारा शांत हो सके।

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